गया के 5 बच्चों को मानव तस्करों ने बेचा:चेन्नई में काम दिलाने के बहाने ले गए हिमाचल, 20-20 हजार में सभी को बेचा

गया10 महीने पहले
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पीड़ितों के परिजन। - Dainik Bhaskar
पीड़ितों के परिजन।

गया में 5 बच्चों को मानव तस्करों ने हिमाचल में 20-20 हजार में बेच दिया। एक बच्चा तस्करों के चंगुल से भागकर गांव पहुंचा। उसने पूरी घटना गांव के लोगों को बताई। दरअसल, गांव का ही एक दलाल बाहर काम दिलाने का झांसा देकर 5 बच्चों को अपने साथ ले गया। इसके बाद सभी को 20-20 हजार में बेच दिया। इसके बाद से दलाल फरार है। सभी बच्चों की उम्र 10-15 साल के बीच है। मामला जिले की मगध यूनिवर्सिटी थाना क्षेत्र के एक गांव का है।

इधर, बच्चों के मां-बाप का कहना है कि उनके पास इतने पैसे नहीं है और न ही वे पढ़े-लिखे हैं। इससे वे अपने बच्चों को हिमाचल के शहरों जाकर ढूंढने में असमर्थ हैं।

पीड़ितों में ये है शामिल
बच्चों के परिजनों ने बताया कि, दलाल ने सभी बच्चों को नौकरी का लालच दिया। इससे सभी उसके साथ जाने के लिए तैयार हो गए। बच्चों के परिजनों को बताया कि उन्हें चेन्नई लेकर जा रहा है। वहां से हर महीने 5 हजार रुपए घर भिजवाया जाएगा। इसके बाद सभी बच्चे दलाल के साथ सितंबर में चले गए।

चेन्नई ले जाने की बात कह ले गया हिमाचल
बच्चों को चेन्नई ले जाने की बजाए दलाल उन्हें हिमाचल ले गया। वहां के व्यवसायियों के हाथों बच्चों को 20-20 हजार में बेच दिया। जहां उनसे मजदूरी करवाई जा रही है। उन सभी में से एक बच्चा गोलू कुमार (काल्पनिक नाम) किसी तरह वहां से भागकर दिल्ली आ गया। वहां से उसने अपने परिजनों को संपर्क किया। जिसके बाद परिजन कर्ज लेकर उसे दिल्ली से लाने पहुंचे।

जिसके बाद मानव तस्करी की इस घटना का खुलासा हुआ। शेखर ने बताया कि उनसे मजदूरी करवाई जाती थी और काम नहीं करने पर बेरहमी से पीटा जाता था। उसने बताया कि उन्हें हिमाचल के किसी शहर में रखा गया था।

थाने में शिकायत नहीं लेने का आरोप
इधर, शेखर के आने के सभी बच्चों के परिजन इसकी शिकायत लेकर MU थाने पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि उनकी शिकायत पुलिस ने नहीं ली और उन्हें वापस लौटा दिया गया। इसके बाद सभी मिस्खा गांव के सामाजिक कार्यकर्ता तमजिलु रहमान खान से संपर्क किया। तमजिलु ने चाइल्ड लाइन को घटना की जानकारी दी। चाइल्ड लाइन के अधिकारी पीड़ितों के गांव आए भी लेकिन उन्होंने भी FIR के बिना कुछ नहीं कर पाने की बात कही।

एसएसपी ने कहा
इस बारे में एसएसपी आदित्य कुमार ने कहा कि- "मामला हमारे संज्ञान में नहीं आया है। थानेदार केस नहीं ले रहा तो पीड़ित परिवार हमसे तुरंत संपर्क कर मिले। न केवल केस दर्ज होगा बल्कि उचित कार्रवाई करते हुए बच्चे को वापस घर भी लाया जल्दी लाया जाएगा।"

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