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समीक्षा बैठक:बाहर से आने वाले लोगों का कोविड टेस्ट अनिवार्य: डीएम

गयाएक दिन पहले
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  • ​​​​​​​बोधगया, टिकारी व गुरुआ में फसलों की क्षति का आकलन कर भुगतान किया जाएगा

डीएम अभिषेक सिंह ने कहा कि उद्योग मंत्री सह गया प्रभारी मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने आपदा से संबंधित समीक्षा बैठक में भाग लिया। उनके द्वारा कुछ निर्देश दिया गया है। जिसका पालन किया जाएगा। बताया गया में अच्छी बारिश हुई है। फसलें अच्छी लगी है। बोधगया, टिकारी व गुरुआ में कुछ फसल क्षति हुई है।

जिसका आकलन कर भुगतान किया जाएगा। पूर्व में यास तुफान व ओला वृष्टि में किसी की फसल को नुकसान पहुंचा है तो उन्हें भी लाभ मिलेगा। श्री सिंह ने कहा कि गया में पितृपक्ष मेला का आयोजन नहीं किया जा रहा है। पिंडदान के लिए बाहर से आने वाले लोगों को कोरोना का टेस्ट अनिवार्य होगा।

इसके लिए धर्मशाला, गेस्ट हाउस, विष्णुपद मंदिर व अन्य जगहों पर व्यवस्था की जाएगी। लोगों से आग्रह भी है कि वे भीड़ के रूप में न आएं। यदि कोई पिंडदान के लिए आते हैं तो वैक्सीन की दोनों डोज लगवाकर ही आएं। डीएम ने बताया कि कोरोना की संभावित थर्ड वेब को लेकर प्रशासन पूरी तैयारी कर रहा है। इसके लिए फेस्टीव सीजन को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

15 लाख लोगों को लगाया गया कोविड से बचाव का टीका
डीएम ने जानकारी दी कि कोरोना से हुई मृत्यु के कारण 213 आश्रितों को मुख्यमंत्री राहतकोष तथा आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा अनुदान दिया गया है। 17 व्यक्ति का संपर्क पता नहीं होने के कारण अनुदान नहीं दिया जा सका है। जिले में कोविड का 15 लाख लोगों को टीका दिया जा चुका है, जो लगभग 50 फीसदी है।

जिले में 427 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। सिविल सर्जन द्वारा बताया गया कि जिले में लगभग 800 बेड की तैयारी है। साथ ही अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 500 से अधिक ऑक्सिजनयुक्त बेड हैं। जिले में 11 अगस्त से लेकर अब तक कुल 192375 कोरोना जांच किए गए हैं। जिसमें तीन पॉजिटिव पाए गए हैं, जो महाराष्ट्र से आये हैं।

55 हेक्टेयर में जलजमाव से फसलें हुईं बर्बाद
डीएम ने बताया कि जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा फसल क्षति का आंकलन किया जा रहा है। करीब 55 हेक्टेयर क्षेत्र में जल जमाव के कारण फसलें बर्बाद हुई हैं। बोधगया के बकरौर में सब्जी की खेती, गुरुआ के चिलौर में धान की फसल को नुकशान सहित इन दोनों प्रखंडों में 33 फीसदी का फसल नुकशान हुआ है।

​​​​​​​टिकारी में भी बियर बांध गेट नहीं लगने के कारण निचले इलाकों में फसल नहीं लगा है। डीएम ने बताया वर्ष 2021 में 113.91 मिमी व 2020 में 78.88 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई थी।

जिले में 11000 एमटी यूरिया की और आवश्यकता
आपदा समीक्षा बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि उर्वरकों की कृत्रिम कमी के मामले में 6 उर्वरक विक्रेताओं पर प्राथमिकी दर्ज किया गया है। मंगलवार को 2 रैक से 3500 एमटी यूरिया आया है। बताया की 38000 एमटी (मीट्रिक टन) यूरिया की मांग की गई है, जिसके विरुद्ध मात्र 27000 एमटी यूरिया उपलब्ध कराया गया है। 11000 एमटी यूरिया की और आवश्यकता है।

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