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जगदेव प्रसाद का 47वां शहादत दिवस:शहीद जगदेव ने शोषणमुक्त समाज की स्थापना कर हक के लिए लड़ना सिखाया

गया4 दिन पहले
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  • वजीरगंज में अर्जक संघ ने मनाया जगदेव प्रसाद का 47वां शहादत दिवस

पूर्व मंत्री शहीद जगदेव प्रसाद ने शोषण मुक्त समाज की स्थापना और देश के तमाम पिछड़े, दलितों और मुसलमानों को अपने सम्मान और हक अधिकार के लिये लड़ना सिखाया था। उक्त बातें संघ के वरिष्ठ नेता अंबुज कुमार सिंह ने कही।

रविवार को जगदेव प्रसाद एवं दलित छात्र लक्ष्मण चौधरी की स्मृति में अर्जक संघ के तत्वाधान में गौरी मेमोरियल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र के प्रांगण में आयोजित 47 वां शहादत दिवस समारोह के अवसर पर उनके विचारों को याद किया गया।

समारोह में मौजूद अर्जक नेता बच्चू शर्मा, अविनाश कुमार, श्याम किशोर प्रसाद, सत्येंद्र कुमार, सीताराम प्रसाद आदि ने कहा कि बाबा साहेब की पुस्तकों को सभी पुस्तकालयों में रखवाने, निशुल्क अनिवार्य और वैज्ञानिक शिक्षा लागू‌ करने, सभी असिंचित भूमि को सिंचित करने, जनसंख्या के अनुपात में सभी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने, मतदान को अनिवार्य करने, बहुद्देशीय पहचान पत्र लागू करने समेत कई मांगों को लेकर 5 सितंबर 1974 को कुर्था प्रखंड कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए जगदेव बाबू और दलित छात्र लक्ष्मण चौधरी को कुर्बानी देनी पड़ी। पर उनके अनुयायी आज भी उनके अधूरे कार्यों को पूरा करने के लिये प्रयासरत हैं।

अर्जक नेता रजनीकांत प्रसाद शिक्षक ने कहा कि जगदेव बाबू सामाजिक - सांस्कृतिक क्षेत्र में मानववाद की स्थापना हेतु अर्जक संघ तथा आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में समाजवाद की स्थापना के लिये शोषित समाज दल के पक्षधर थे। इस दौरान जदयू किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष कमलेश कुमार वर्मा , अंबुज कुमार सिंह रजनीकांत रवि शिक्षक, विष्णु देव प्रसाद, महेंद्र प्रसाद, बच्चन शोषित आजाद, सहदेव प्रसाद, रामानंद प्रसाद, शंभू प्रसाद, नागमणि प्रसाद, सत्येंद्र प्रसाद, आदि ने भी जगदेव बाबू और लक्षमण चौधरी को याद कर उनकी जीवनी पर प्रकाश डाला।

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