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गया एयरपोर्ट पर संदिग्ध बम से मची अफरातफरी:सुरक्षा एजेंसियों ने संभाला मोर्चा, गहन छानबीन हुई, बाद में पता चला यह मॉक ड्रिल थी

गया24 दिन पहले
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गया एयरपोर्ट पर मॉक ड्रिल करते जवान। - Dainik Bhaskar
गया एयरपोर्ट पर मॉक ड्रिल करते जवान।

गया एयरपोर्ट पर बुधवार को स्पेसिफिक थ्रेट के तहत संदिग्ध बम की सूचना पर अफरातफरी मच गई। एयरपोर्ट अथॉरिटी से लेकर वहां तैनात सीआईएसएफ, एसएसबी और जिला पुलिस हरकत में आ गई। पूरे एयरपोर्ट को बाहर से घेर लिया गया। एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी हूटर बजाते हुए अपना-अपना स्थान पकड़ लिया। सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाला तो एसएसबी का बम निरोधक दस्ता भी हरकत में आ गया।

सुरक्षा एजेंसियों के जवान फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाने लगे। एयरपोर्ट परिसर में रखी ट्रॉली में बम के पास पहुंचने के लिए तकनीकों का सहारा लेते हुए उनके कदम आगे बढ़ने लगे। इधर, एयरपोर्ट पर तैनात कर्मियों की सांसे तेजी से लगातार फूलने लगीं। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों के अलावा न तो कोई अंदर से बाहर जा रहा था और न ही बाहर से अंदर। बगैर कुछ बोले अर्द्ध सैनिक बल के जवान आपस में इशारों ही इशारों में बम को कवर करने में जुट गए थे। बम के नजदीक पहुंचते ही और जिस ट्रॉली में बम की सूचना थी, उसमें से जब कुछ भी नहीं निकला तो पता चला कि यह एक मॉक ड्रिल थी।

इस बात की खबर जब एयरपोर्ट से लेकर सुरक्षा में तैनात जवानों को लगी तो उन्होंने राहत भरी लंबी सांसें ली। चेहरे से शिकन दूर हुईं। करीब डेढ़ घंटे तक मॉक ड्रिल चली।

गौरतलब है कि 2013 में सात जुलाई को ही दहशतर्गदों ने बोधगया में सीरियल बम लगाया था। बम भी फटे थे, पर नुकसान मामूली हुआ था। इसके बाद 2018 में भी आतंकियों ने बोधगया में बम प्लांट किया था। हालांकि उसमें वह सफल नहीं हो सके थे। इन दहशतगर्दाना हरकतों के बाद से बोधगया, एयरपोर्ट हाई सिक्योरिटी पर रखी गई है। फिलहाल दोनों जगह हाई अलर्ट है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के डायरेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि यह एक कंटिजेंसी प्लान के तहत स्पेसिफि थ्रेट थी, जिसके तहत मॉक ड्रिल की गई, ताकि सुरक्षा एजेंसियों व अथॉरिटी को रिचार्ज किया जा सके और हम कितने तैयार हैं, इसकी परख हो सके।

गौरतलब है कि कंटिजेंसी प्लान के तहत दो तरह के थ्रेट होते हैं। पहला नॉन स्पेसेफिक व दूसरा स्पेसेफिक थ्रेट। इन दोनों थ्रेट की रिपोर्ट सुरक्षा एजेंसियों को जाती है और आगे की रणनीति तैयार की जाती है।

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