सुविधा:अब कहीं से भी डिजिटल तरीके से महाबोधि मंदिर में किया जा सकता है दान

गया2 महीने पहले
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डिजिटल भुगतान की शुरुआत करते डीएम सहित अन्य। - Dainik Bhaskar
डिजिटल भुगतान की शुरुआत करते डीएम सहित अन्य।
  • महाबोधि मंदिर में शुरू की गई ऑनलाइन डोनेशन की व्यवस्था, दान की इस प्रक्रिया में न तो दान देने वाले और न ही दान लेने वाले को लगेगा बैंक कमीशन

अब महाबोधि मंदिर को कहीं से बैठे-बैठे डिजिटल तरीके से दान किया जा सकता है। एचडीएफसी बैंक ने इसकी सुविधा पे यू पेमेंट गेटवे के सौजन्य से उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत 75 से अधिक नेट बैंकिंग, यूपीआई, गूगल पे, फोन पे, पेटीएम वॉलेट, मोबिक्विक इत्यादि सिंगल क्यूआर कोड के माध्यम से ऑपरेट होंगे।

मंगलवार को डीएम-सह-अध्यक्ष बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमिटी, अभिषेक सिंह ने महाबोधि मंदिर में एचडीएफसी बैंक द्वारा अधिष्ठापित डिजिटल पेमेंट प्रणाली का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सूत्रपाठ के साथ किया। इस मौके पर डीएम ने कहा कि बीटीएमसी ने मंगलवार से महाबोधि मंदिर के लिए कई डिजिटल भुगतान समाधानों के माध्यम से ऑनलाइन दान शुरू किया है, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालु दूर बैठे भी ऑनलाइन महाबोधि मंदिर को दान दे सकेंगे।

उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक द्वारा डिजिटल पेमेंट से दान प्राप्त करने के उद्देश्य से बोधगया शाखा में बैंक खाता चालू किया गया है। इस बैंक खाते में श्रद्धालुओं द्वारा डिजिटल मोड में पेमेंट/कैशलैस ट्रांजैक्शन सिस्टम के माध्यम से दान राशि सीधे बीटीएमसी के उक्त बैंक खाते में प्राप्त की जा सकेगी।

दो स्वाइप मशीन भी मिली
डीएम ने बताया कि महाबोधि मंदिर के लिए दो अदद पीओएस स्वाइपिंग डिवाइस उपलब्ध कराई गई है, जिससे विभिन्न बैंकों के डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड से राशि प्राप्त की जा सकती है। महाबोधि मंदिर के लिए 2 अदद क्यूआर कोड स्टैंड दिए गए हैं, जिससे श्रद्धालु सिंगल क्यूआर कोड स्कैन कर विभिन्न डिजिटल ट्रांजैक्शन से सीधे दान राशि मंदिर को दान कर सकेंगे।

मंदिर और काउंटर में रखेंगे पीओएस
डीएम ने निर्देश दिया कि पीओएस स्वाइपिंग डिवाइस एवं क्यूआर कोड स्टैंड को मंदिर एवं काउंटर पर रखा जाए, ताकि श्रद्धालुओं एवं आम जनों के बीच महाबोधि मंदिर में दान हेतु डिजिटल भुगतान प्रक्रिया की जानकारी हो और अधिक प्रभावी रूप से बढ़ावा दिया जा सके। इससे मंदिर के दान प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इस मौके पर कई लोग मौजूद थे।

बीटीएमसी सचिव ने दिया पहला दान
पहला दान बीटीएमसी सचिव नांजे दोरजे ने पीओएस स्वाइपिंग डिवाइस के माध्यम से 1,111 रुपए महाबोधि मंदिर को दान दिया गया। इसके अतिरिक्त वैसे श्रद्धालु जो बाहर से दान करना चाहते हैं, वे बीटीएमसी के ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर डोनेट नाउ का बटन प्रेस कर इसके पेमेंट गेटवे साइट पर लिंक होकर वहां दिए गए विभिन्न माध्यमों को सलेक्ट कर दान राशि भेज सकते हैं।

इंटरनेट के माध्यम से पहले थी सुविधा
पहले केवल इंटरनेट के माध्यम से भुगतान की सुविधा बीटीएमसी ने उपलब्ध कराई थी। निके पास इंटरनेट बैंकिंग सुविधा थी, वे लाभ उठाते थे। लेकिन अब समय में बदलाव हुआ है, तकनीक आगे बढ़ी है। उसी दिशा में कदमताल करते हुए बीटीएमसी ने मोबाइल से भी किसी भी गेटवे के माध्यम से भुगतान करने की सुविधा उपलब्ध कराई है।

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