इतनी लापरवाही! कंटेंमेंट जोन की बैरिकेडिंग को तोड़ दिया:गया पटना के बाद दूसरा सबसे संक्रमित जिला, फिर भी कोरोना गाइडलाइन को नहीं मान रहे लोग

गयाएक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कोरोनाकाल में गया में भीड़ का ये है आलम। - Dainik Bhaskar
कोरोनाकाल में गया में भीड़ का ये है आलम।

बिहार का गया पटना के बाद दूसरा ऐसा जिला है जहां अब तक सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं। शनिवार की जांच में गया जिले में 358 नए मरीज सामने आए हैं। जिले में अब कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 1239 हो गई है। बावजूद इसके लोग लापरवाह हैं। जिला प्रशासन की ओर से तय किए गए मेगा कंटेंमेंट जोन व माइक्रो कंटेंमेंट जोन में कराई गई बैरिकेडिंग को रात के अंधेरे में तोड़ दिया जा रहा है। यही नहीं, लोग बगैर मास्क के ही बाहर निकलना अपनी शान समझ रहे हैं।

झीलगंज में लोगों की उमड़ी भीड़।
झीलगंज में लोगों की उमड़ी भीड़।

शहर का लखीबाग, राणा नगर, मानपुर का पटवाटोली, नई गोदाम, झीलगंज, करसिल्ली, विष्णुपद, गोदावरी, एपी कॉलोनी ये तमाम इलाके कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इन इलाकों में जिला प्रशासन के आदेश पर बैरिकेडिंग की गई है। इस इलाके में बाहरी लोगों की आवाजाही पर पाबंदी है। आवश्यक काम से ही इस मुहल्ले के लोगों को बाहर निकलने दिया जा रहा है। यहां तक कि फेरी वालों को भी दूर से ही भगा दिया जा रहा है। लेकिन इनमें से कई मुहल्लों के लोग बैरिकेडिंग को तोड़ दे रहे हैं। करसिल्ली में लगाई गई बैरिकेंडिंग को शनिवार की रात तोड़ दिया गया। बैरिकेडिंग बास के बल्लों से की गयी थी जिसे लोगों को खोल कर किनारा लगा दिया।

गया नगर निगम द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग।
गया नगर निगम द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग।

यही हाल पटवाटोली और गोदावरी का है। हालांकि बैरिकेडिंग तोड़े जाने के बाद पहुंची पुलिस की टीम ने लोगों को सख्त हिदायतें दी हैं। कहा कि बैरिकेडिंग की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस के साथ ही मुहल्ले के लोगों की भी है। बैरिकेडिंग तोड़ने का गैर जिम्मेदाराना काम दोबार किया गया तो मुहल्ले के लोगों पर ही कोविड-19 के दिशा-निर्दशों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए दूसरे मुहल्ले के लोग नहीं आए होंगे। ऐसे में मुहल्ले वाले ही दोषी माने जाएंगे। इधर SDM इंद्रवीर कुमार का कहना है कि लोग सख्ती से ही मानेंगे तो वह भी किया जाएगा। बेहतर होगा खुद ही सुधर जाएं। महामारी से निपटने की जिम्मेदारी प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों पर अधिक है।

खबरें और भी हैं...