गर्मी से हांफ रहे तीर्थयात्री, कई हुए बेहोश:'गया जी' की गर्मी से बेदम हो रहे तीर्थयात्री, बेहोश होकर गिर रहे पिंडदानी

गया2 महीने पहले

गया जी का मौसम तीर्थयात्रियों के पसीने छुड़ा रहा है। उमस भरी गर्मी के बीच खुले आसमान के नीचे, कड़ी धूप में नंगे सिर, खाली बदन व खाली पेट पूजा-पाठ करना और फिर नंगे पांव ही चल कर भगवान विष्णु का दर्शन करने का विधि-विधान देश- विदेश से आए हुए पिंडदानियों के स्वास्थ्य पर अब भारी पड़ रहा है। कई बुजुर्ग पिंडदानी चक्कर खा कर गिर रहे हैं।

गर्मी के बीच पिंडदानियों की जबर्दस्त भीड़ भी तीर्थयात्रियों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। गर्मी की वजह से गश खाकर गिरने की सूचना मिलते ही डीएम डॉ त्यागराजन व एसएसपी हरप्रीत कौर ने विष्णुपद मंदिर में लगातार तीन घंटे तक मोर्चा संभाले रखा। बुजुर्ग तीर्थयात्रियों भगवान विष्णु के दर्शन करने में बढ़-चढ़ कर एक स्वयं सेवक की तरह मदद की। इन दोनों आला अधिकारियों की मौजूदगी ने डय्ूटी पर तैनात पुलिस बल और स्वयं सेवकों व अन्य विभागों के अफसरों व कर्मियों का हौसला बढ़ाए रखा।

बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं लोग

पितृपक्ष मेला पूरी ताकत के साथ अपने परवान की ओर बढ़ रहा है। करीब 5 लाख के करीब तीर्थयात्रियों की गया जी में आमद हो चुकी है। ये सभी यात्री विष्णुपद में मंदिर पिंडदान की क्रिया पूरी करने के बाद दर्शन करने को आते हैं। इसकी वजह से हर दिन काफी भीड़ हो जाती है। हालांकि विष्णुपद मंदिर का परिसर काफी लंबा-चौड़ा है लेकिन वह लाखों की संख्या में आई भीड़ के आगे इन दिनों छोटी पड़ रही है। ऊपर से उमस भरी गर्मी लोगों को पसीने छुडा रही है। कई बुजुर्ग दंपत्ति को चक्कर का आ रहा है।

गर्मी से बढ़ी परेशानी

रविवार को एक -एक कर आधा दर्जन से अधिक पिंडदानियों को मंदिर परिसर में चक्कर आए। वे तत्काल प्रभाव से मेडिकल सुविधा दी गई। गया जी में इन दिनों 32.6 डिग्री अधिकतम और न्यूनतम 24.6 के पास उमस भरी गर्मी हर दिन पड़ रही है। सूर्ये की किरणें इतनी तीखी हैं कि देश-विदेश से आए मेहमानों की बात छोड़िए यहां के आम लोगों को भी सांसे तेज कर दे रही है।

पितृपक्ष मेला पूरे परवान पर है। साथ ही प्रचंड गर्मी का तेवर बना हुआ है। जबर्दस्त भीड़ और गर्मी के बीच भगवान विष्णु का दर्शन करने के दौरान बुजुर्ग तीर्थयात्री चक्कर खा जा रहे हैं। ऐसे में व्यवस्थाएं पटरी पर बनी रहें इस मकसद से खुद डीएम व एससपी ने मोर्चा संभाल लिया है। वे विष्णुपद मंदिर में खुद खड़ा होकर हर चीज की निगरानी कर रहे हैं।