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गया में नहीं लगेगा पितृपक्ष मेला:विष्णुपद खुले रहने से श्राद्ध के लिए आ रहे तीर्थयात्री, 19 सितंबर से शुरू होगा त्रिपाक्षिक श्राद्ध, छह अक्टूबर को है पितृपक्ष ‘अमावस्या’

गया11 दिन पहलेलेखक: दीपक कुमार
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कोरोना से पहले देवघाट पर पिंडदान करते लोग। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
कोरोना से पहले देवघाट पर पिंडदान करते लोग। (फाइल फोटो)
  • पितृपर्व के लिए अब मात्र छह दिन शेष, प्रशासनिक स्तर पर नहीं की गई कोई तैयारी
  • टीकाकरण व नवीनतम कोरोना टेस्ट रिपोर्ट लेकर आए तीर्थयात्री
  • अभी तीन वेदियों (विष्णुपद, फल्गु व अक्षयवट ) पर प्रमुख रूप से हो रहा पिंडदान

कोविड 19 के कारण गया में वर्ष 2021 का पितृपक्ष मेला नहीं लगेगा। न पंडाल बनेंगे और न ही किसी तरह की साज-सज्जा होगी। न सुरक्षा के लिए कैंप लगेंगे और न ही स्वास्थ्य का कैंप। न प्रवचन होगा और न ही शास्त्रीय व उपशास्त्रीय गायन।

तीर्थयात्रियों के लिए पिंडवेदियों पर किसी भी प्रकार की कोई व्यवस्था प्रशासनिक स्तर फिलहाल नहीं की गई है, लेकिन विश्व प्रसिद्ध विष्णुपद का द्वार खुला रहने से तीर्थयात्रियों का आना शुरू हो गया है। तीन प्रमुख वेदी (विष्णुपद, फल्गु व अक्षयवट) पर श्राद्ध के मंत्र सुनने को जरूर मिल रहे हैं।

विधिवत तरीके से पिंडदानी पूर्वजों का श्राद्ध कर अब गर्भगृह में विष्णुचरण पर पिंड अर्पित कर उनकी मोक्ष की कामना कर रहे हैं। मालूम हो कि अभी हर दिन 20 से 40 की संख्या में तीर्थयात्री गयाजी आ रहे है।

वर्ष 2020 में बंद था विष्णुपद का द्वार
कोविड 19 के प्रकोप के कारण 2020 में पितृपक्ष मेला स्थगित कर दिया गया था, साथ ही विष्णुपद का कपाट भी बंद था। इस कारण पितृपक्ष में श्राद्ध की प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित थी। पितृपक्ष की परपंरा जीवित रहे, इसके लिए गयापाल पंडों द्वारा ही 17 दिनी का त्रिपाक्षिक श्राद्ध किया गया था। अलग-अलग वेदियों पर इनके नेतृत्व में पिंडदान के सारे कर्मकांड पूरे किए गए थे।

पितृपक्ष के अब मात्र छह दिन शेष
त्रिपाक्षिक श्राद्ध करने वाले तीर्थयात्री 19 सितंबर से पुनपुना वेदी से श्राद्ध की प्रक्रिया शुरू करेंगे। वहीं पितृपक्ष का आरंभ 20 सितंबर से होगा। 21 सितंबर को तीर्थयात्री प्रतिपदा का श्राद्ध, 27 सितंबर को षष्ठी का श्राद्ध, 30 सितंबर को नवमी का श्राद्ध, दो अक्टूबर को एकादशी का श्राद्ध, पांच अक्टूबर को चतुर्दशी का श्राद्ध व छह अक्टूबर को पितृ अमावस्या का श्राद्ध करेंगे।

नवीनतम कोविड टेस्ट रिपोर्ट रखें पास : कार्यकारी अध्यक्ष
विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शंभु लाल विट्ठल ने बताया कि इस बार पितृपक्ष मेला नहीं लगेगा, फिर भी जो तीर्थयात्री गयाजी आ रहे हैं या आने वाले है वे अपने पास कोविड 19 जांच का नवीनतम टेस्ट रिपोर्ट अपने पास रखे, ताकि श्राद्ध का कर्मकांड सुरक्षित तरीके से हो। इसके अलावे उन्होंने कोविड 19 टीकाकरण का भी रिपोर्ट साथ में रखने को कहा है।

पितृपक्ष मेला के लिए नहीं आयी कोई गाइडलाइन : एसडीओ
सदर एसडीओ इंद्रवीर कुमार ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला को लेकर फिलहाल राज्य सरकार द्वारा कोई नई गाइडलाइन नहीं आयी है, लेकिन जो भी श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन व पूजन कर रहे है वे कोविड 19 नियमों का पालन जरूर करें। मास्क पहन व सोशल डिस्टेंस को मेंटेंन करें। श्राद्ध की प्रक्रिया भी कोविड 19 गाइडलाइन के साथ ही करें।

अनलॉक 6.0 में खुले धार्मिक स्थल
कोरोना के कारण सबसे अंतिम में धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दी गई थी। इस कारण धर्मस्थलों के पुजारियों में सरकार के प्रति नाराजगी भी थी कि सारी चीजें खुलने के बाद अंतिम में धर्म स्थल को खोला गया। अनलॉक 6.0 में विष्णुपद का द्वार खुलने पर गर्भगृह में मास्क पहन व सोशल डिस्टेंस को मेंटेंन कर दर्शन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

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