लोकार्पण:सड़क पर हिस्सेदारी और कल्याण के लिए नीति निर्माण का लोकार्पण

गया2 महीने पहले
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  • कहा-गाड़ियों की कोलाहल से बुद्ध की नगरी से शांति हुई गायब

पैदल चलने वाले व रिक्शा चलाने वाले लोगों के सड़क पर हिस्सेदारी व कल्याण के लिए नीति निर्माण का नागरिक समाज की तरफ से प्रस्तावित मसौदे का लोकार्पण मंगलवार को बोधगया नगर परिषद् सभागार में किया गया। लोकार्पण कार्यक्रम में समाजिक कार्यरता कारू जी ने कहा कि जिस धरती पर बुद्ध शांति के लिए आए थे आज गाड़ियों के कोलाहल में शांति गायब है। यहां फुटपाथ पर चलने की जगह नहीं।

पटना उच्च न्यायालय के एडवोकेट मणिलाल ने कहा कि सड़क पर पैदल चलने वालों का अधिकार मौलिक अधिकार है पर दुःखद है कि सरकार इस संबंध में नीति नही बना पायी है। पैदल यात्री मंच के महेन्द्र यादव ने कहा कि इंडियन रोड कांग्रेस की गाइड लाइन के अनुसार साफ सुथरे बाधा रहित अवरोध मुक्त फुटपाथ की बात है पर अमल नही होता है।

वही रिक्शा चालक सबसे अधिक श्रम कर प्रदूषण मुक्त यातायात मुहैया कराते है पर उनके लिए कोई नीति नही है। बोधगया नगर परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि संजय यादव ने कहा कि हमलोग इसका समर्थन करते है और अपने स्तर पर नगर निकाय पॉलिसी अपनाने पर भी विचार करेंगे। एक सड़क की डिजाइन बनाकर पूरी प्रक्रिया पूर्ण कर रखा गया है।

कोरोना के कारण निर्माण बाधित हुआ है जिसे पूरा कराने का प्रयास तेज किया जाएगा। संचालन कर रहे संजय आनंद ने इस पॉलिसी निर्माण के मसौदे की पूरी प्रक्रिया का विस्तार से वर्णन किया। वहां उपस्थित वार्ड पार्षद चन्द्रेश्वर, मुन्नी यादव, दशरथ मांझी, विजय यादव ने भी इस नीति मसौदे का समर्थन किया। फादर जॉन रवि व गौतम इत्यादि ने भी अपनी बातें रखी।

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