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गया की जया को मिला अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन फेलोशिप:गुरारू के बारा गांव की प्रसून जया न्यूयार्क के अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन में कर रही शोध

गयाएक महीने पहले
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प्रसून जया अपने संस्थान के बाहर - Dainik Bhaskar
प्रसून जया अपने संस्थान के बाहर

जिले के गुरारू प्रखंड के बारा गांव की बहू प्रसून जया न्यूयार्क में पीएचडी डिग्री के लिए शोध को अमेरिका का प्रतिष्ठित फेलोशिप मिला है। उन्हें 1924 में न्यू यार्क में स्थापित अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने शोध के लिए फेलोशिप अवार्ड किया है। वह न्यूयार्क के अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन में शोध कर रही हैं। इसे पहले उन्होंने अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर में प्रो जेफ्री हेज के निर्देशन में डिपार्टमेंट ऑफ बायो केमेस्ट्री एंड बायो फिजिक्स में रिसर्च की थी। अमेरिका जाने से पहले बेंगलुरु के जवाहर लाल नेहरू फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च में उन्होंने काम किया था।

कई इंटरनेशनल सेमिनार में उन्होंने शोधपत्र भी प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पृष्ठभूमि की रहने के बावजूद हमेशा पढ़ने की ललक ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है। इसमें पति, ससुराल व परिवार की भूमिका महत्वपूर्ण रही। लड़कियों को हमेशा शिक्षा के प्रति समर्पित रहना चाहिए। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शार्ट-कट नहीं है।

गुरारू की है बहू
गुरारू के बारा निवासी व बोधगया के शतानंद गिरि हरिहर संस्कृत कॉलेज के प्राध्यापक डा रविंद्र कुमार मिश्र की बहू श्रीमती जया मूल रूप से गिरिडीह की रहने वाली हैं। 2011 में उन्होंने रांची विवि से बॉटनी में एमएससी की। उनके नाना डा एसएस पंडित सेंट जेवियर्स कॉलेज रांची में अंग्रेजी के प्रोफेसर थे। पिता गिरिडीह कॉलेज में हिंदी के विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। बड़ा भाई आर्मी में मेजर हैं, जबकि छाटा भाई साफ्टवेयर इंजीनियर है।

कार्डियोवैस्कुलर चिकित्सा अनुसंधान को करता सपोर्ट
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन संयुक्त राज्य का एक संगठन है जो कार्डियोवैस्कुलर चिकित्सा अनुसंधान को निधि देता है। स्वस्थ जीवन पर उपभोक्ताओं को शिक्षित करता है और कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और स्ट्रोक से होने वाली अक्षमता और मौतों को कम करने के प्रयास में उचित हृदय देखभाल को बढ़ावा देता है। संस्थान हृदय रोग और रोकथाम, बुनियादी जीवन सपोर्ट मानकों, उन्नत हृदय जीवन सपोर्ट और बाल चिकित्सा उन्नत जीवन सपोर्ट (पीएएलएस) पर निर्देश प्रकाशित करने के लिए जाना जाता है।

पति भी कर रहे शोध
पति लक्ष्मी नारायण मिश्र को 2018 में न्यूयॉर्क के अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन का हैरी ईगल स्कॉलरशीप फॉर आउटस्टैंडिंग रिसर्चसर से सम्मानित किया गया है। इसके तहत उन्हें संस्थान के खर्चे पर उनके सेल बायोलॉजी लैब में शोध करने की अनुमति दी गई है। मगध विवि के गया कॉलेज से 2002 में बीएससी करने के बाद 2005 में यूनिवर्सिटी ऑफ बंगाल से बायोटेक्नोलॉजी में पीजी किया। 2013 में बेंगलुरु के जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च से डॉक्टरेट किया।

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