DM की चौखट तक पहुंची ऑक्सीजन की गुहार:गया में 6 निजी अस्पतालों को कोरोना के इलाज की अनुमति तो दी, लेकिन ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों की जान सांसत में

गया6 महीने पहले
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सांकेतिक तस्वीर। - Dainik Bhaskar
सांकेतिक तस्वीर।
  • निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडर का हुआ टोटा
  • जुगाड़ से भर्ती मरीजों की बचायी जा रही जान

गया में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अब मरीजों की जान बचाना मुश्किल होता जा रहा है। आलम यह है कि अस्पताल तो हैं और डॉक्टर भी हैं, नहीं है तो अब केवल ऑक्सीजन सिलिंडर। ऑक्सीजन सिलिंडर की कमी की वजह से मरीजों की जान सांसत में आ गई है। वजह निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत का होना है। निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी ने अस्पताल संचालकों की परेशानी बढ़ा दी है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि वे अब क्या करें। उन्हें न तो समय से ऑक्सीजन सिलेंडर मिल रहे हैं और जो मिल भी रहे हैं वह भर्ती मरीजों को देखते हुए नाकाफी हैं। इस बात से परेशान निजी अस्पताल के संचालकों ने अब DM से मिलकर ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की गुहार लगाई है।

निजि अस्पतालों में बेड फुल
जिला प्रशासन की ओर से 6 निजी अस्पतालों को कोरोना के मरीजों का इलाज करने की अनुमति दी गई है। प्रशासन के आदेश पर सभी छह निजी अस्पतालों में बेड की सुविधा के मुताबिक कोरोना मरीजों की भर्ती की गई है। उनका उपचार भी किया जा रहा है, लेकिन ऑक्सीजन की किल्लत ने उनकी जान सांसत में डाल दी है। एक निजी अस्पताल के संचालक के मुताबिक एक दिन में 10 सिलिंडर की खपत हो रही है, पर उन्हें 4 से 5 सिलिंडर ही मिल पा रहे हैं। वह भी जैसे तैसे या फिर जुगाड़ से। ऐसे में मरीजों की जान बचाना अब निजी अस्पतालों के बूते की बात नहीं रह गई है। निजी अस्पताल के संचालकों के मुताबिक शहर के सभी निजी अस्पतालों की बात करें तो आम दिनों में 200 से अधिक सिलिंडर प्रतिदिन खर्च होते हैं, लेकिन कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से यह आंकड़ा दुगने पर पहुंच गया है। ऑक्सीजन खपत का आंकड़ा दुगने पर पहुंच गया, लेकिन आमद अब भी वहीं पर बरकरार है।

DM की ओर से भरोसा दिया गया
AP कॉलोनी स्थित अर्श हॉस्पिटल के निदेशक डॉ नवनीत निश्छल और गंगा महल स्थित वैष्णवी हास्पिटल के संचालक राहुल कुमार ने बताया कि ऑक्सजीन की सप्लाई सुनिश्चित कराए जाने की मांग को लेकर सभी निजी अस्पताल के संचालक DM अभिषेक सिंह से मिलकर बात की है। अस्पताल संचालकों ने अपनी समस्या बताई है। DM की ओर से भरोसा दिया गया है।

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