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मॉक ड्रिल:गया एयरपोर्ट विजिटर लाउंज में मिला संदिग्ध बैग, बम का संदेह

बोधगया16 दिन पहले
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अपराह्न लगभग एक बजे हैं, एयरपोर्ट पर अन्य दिनों की तरह हलचल है। तभी अचानक एयरपोर्ट को किसी ने सूचना दी कि विजिटर लाउंज एरिया में काफी देर से एक संदिग्ध बैग पड़ा है। उसमें बम का संदेह है। जल्द उसे डिफ्यूज कराने की कोशिश करें। इस संदेश के साथ ही एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा बलों की गाड़ियों के सायरन और उनके बूटों की भारी आवाज के साथ कदमताल की आवाज गुंजने लगी। तभी फायर ब्रिगेड वाहन की घंटी की आवाज एयरपोर्ट परिसर में गूंजने लगी। एयरपोर्ट पर मौजूद लोग इस भारी हलचल से भयभीत होकर कारण जानने को बेचैन होने लगे।

तभी विजिटर एरिया को खाली करने का आदेश जारी हुआ। छोटे-छोटे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से जुड़े साउंड सिस्टम से यात्रियों, पायलट, एयरपोर्ट अथाॅरिटी के कर्मियों सहित अन्य को परिसर खाली कर बाहर खुले में जाने का निर्देश हुआ। यह एयरपोर्ट पर बम थे्रट कंटीजेंसी प्लान एक्सरसाइज से संबंधित माॅक ड्रिल का एक हिस्सा था।

पूरे परिसर को कराया गया खाली
एयरपोर्ट डायरेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि तलाशी अभियान चलाने के लिए विजिटर एरिया को खाली कराया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारी, विभिन्न एयरलाइंस के कर्मी, पायलट, टूरिज्म विभाग सहित अन्य के अलावा यात्रियों को बाहर खुले में निकालने के बाद, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस) टीम ने तलाशी ली। बीडीडीएस टीम ने उस संदिग्ध बैग को अपने कब्जे में लेकर संभावित बम को दूर कूलिंग ऑफ एरिया में ले गई और डिफ्यूज की प्रक्रिया की।

इन्होंने लिया हिस्सा | सूचना मिलने के साथ एसएसबी का बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस) टीम, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, बिहार पुलिस सहित अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावे मगध मेडिकल काॅलेज के एंबुलेंस व एयरपोर्ट फायर ब्रिगेड की टीम ने हिस्सा लिया।

क्यों जरूरी है माॅक ड्रिल
एयरपोर्ट डायरेक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि मानक एवं दिशा निर्देश के तहत डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन व ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी को भारत सरकार द्वारा नागर विमानन हेतु क्रमशः सेफ्टी और सिक्युरिटी की रेगुलेटरी जिम्मेवारी दी गई है। कंटीजेंसी प्लान के तहत साल में एक बार माॅक ड्रिल होता है, जिसमें अचानक बम की तलाशी व उसे डिफ्यूज करने की व्यवस्था से निपटने की तैयारी देखी जाती है। कमी भी परखा जाता है और ससमय दूर किया जाता है।

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