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गीता जयंती:श्रीकृष्ण की मनमोहक वचनावली है भगवद् गीता, गया इस्कॉन में 700 श्लोकों का पाठ

गयाएक महीने पहले
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संपूर्ण गीता पाठ में शामिल लोग। - Dainik Bhaskar
संपूर्ण गीता पाठ में शामिल लोग।
  • दो सौ से ऊपर भक्तों ने भगवद् गीता के 18 अध्याय व सात सौ श्लोक का किया रसपान
  • प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि द्वारा गीता के रहस्यों पर डाला प्रकाश इस्कॉन मंदिर में देश के पहले सीडीएस बिपीन रावत को समर्पित रहा गीता का पाठ

शहर के गांधी मैदान स्थित इस्कॉन मंदिर में मंगलवार को श्रद्धा व उत्साह के साथ गीता जयंती का पर्व मना। गीता जयंती पर मंदिर परिसर में भगवद् गीता का संपूर्ण पाठ हुआ। 18 अध्याय और सात सौ श्लोक पढ़े गए। इस बार संपूर्ण गीता का पाठ देश के पहले सीडीएस बिपीन रावत सहित सभी वीर शहीदों को समर्पित रहा। इस्कॉन मंदिर के प्रबंधक जगदीश श्याम दास जी महाराज ने बताया कि गीता महात्म्य का पाठ हरिनाम् संकीर्तन से किया गया। इसके पूर्व मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण व राधा की विशेष पूजा अर्चना हुई। गीता का पाठ सुबह 09:30 बजे से शुरू हुआ, जिसका समापन 02:15 में किया गया।

दो सत्राें में संपूर्ण गीता का पाठ हुआ। पाठ के समापन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। गीता जयंती को लेकर मंदिर में विशेष तैयारी की गई थी। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो इसका पूरा ख्याल रखा गया था।

दो सौ से ऊपर श्रद्धालु पाठ में शामिल
इस्कॉन मंदिर में आयोजित गीता पाठ में दो सौ से ऊपर श्रद्धालु शामिल हुए। सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धा व विश्वास के साथ पाठ का रसपान किया। महंथ ने बताया कि मोक्षदा एकादशी के दिन कुरुक्षेत्र में युद्ध शुरू हुआ था, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद् गीता का उपदेश सुनाए थे। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भगवद् गीता के हर श्लोक में हर उस समस्या का समाधान है जो कभी न कहीं हर मानव के जीवन में आती है।

गौड़ीय मठ में गीता जयंती पर विशेष पूजा
शहर के जीबी रोड स्थित गौड़ीय मठ में गीता जयंती पर मठ में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण, राधारानी, जगन्नाथ, बालभद्र व सुभद्रा की विशेष पूजा अर्चना हुई। गीता जयंती को लेकर भगवान का विशेष शृंगार किया गया। मठ के पुजारी श्लोक उत्तम दास जी महाराज ने बताया कि विधिवत पूजा के बाद शाम में मठ के लोगों ने सामूहिक रूप से श्रीमद् भगवद् गीता का पाठ किया।

भगवद् गीता के रहस्यों पर डाला प्रकाश
सिविल लाइंस थाना स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में गीता जयंती पर केन्द्र संचालिका ब्रह्माकुमारी शीला बहन ने भगवद् गीता के रहस्यों पर प्रकाश डाला। बताया कि गीता ज्ञान और अमरता का संगीत है। अलौकिक, मार्धुय, आत्मिक, आनंद और अतिन्द्रिय सुख देने वाला है। उन्होंने गीता के अर्थ को भी बताया। कहा गीता परमात्मा द्वारा लायी गई मधुर मनोहर मुरली के स्वरों जैसी मनमोहक वचनावली है।

गीता में चरित्र निर्माण का भी है उल्लेख
केन्द्र संचालिका शीला बहन ने बताया कि गीता में चरित्र निर्माण का भी उल्लेख है। काम से ही क्रोध की उत्पत्ति हाेती है, इससे बुद्धि का नाश होता है। वास्तव में परमात्मा ने विकारों से ही युद्ध करायी थी, न कि हिंसक युद्ध। उन्होंने बताया कि मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की एकादशी काे ही पवित्र गीता का प्रकाशोत्सव हुआ था। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।

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