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  • The River Was A Hindrance To The Polling Station, So The Villagers Built The Bridge On Their Own; If The Public Representatives Did Not Listen, The People Of The Village Built A Temporary Bridge In A Few Days.

ग्रामीणों ने खुद से बना दिया पुल:मतदान केंद्र तक जाने में बाधा थी नदी, तो ग्रामीणों ने खुद से बना दिया पुल; जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी तो गांव के लोगों ने कुछ ही दिनों में बना डाला अस्थायी पुल

गया2 महीने पहलेलेखक: रंजन सिन्हा
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बरसाती नदी पर बनाए गए अस्थायी पुल को पार करते ग्रामीण व बच्चे । - Dainik Bhaskar
बरसाती नदी पर बनाए गए अस्थायी पुल को पार करते ग्रामीण व बच्चे ।
  • अब यह पुल बनकर है तैयार, आसानी से मतदाता पुल पार कर आज डालेंगे वोट, नक्सल प्रभावित शंकरबिगहा गांव में पंचायत चुनाव के प्रति वोटरों में गजब का उत्साह

गया जिले के गुरारू प्रखंड क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता है। कभी इस इलाके में नक्सलियों की तूती बोलती थी। गोलियों की गुंज और लाल सलाम के नारों से लोग सहमे रहते थे। वहीं चुनाव के दौरान माओवादी नक्सलियों द्वारा वोट बहिष्कार का नारा दिया जाता था।

जिसके कारण लोग डर से मतदान करने नही जाते थे। परंतु अब तस्वीर बदल चुकी है। इस इलाके में पंचायत चुनाव को लेकर गजब का उत्साह है। ऐसा ही नजारा यहां के शंकरबिगहा गांव में देखने को मिल रहा है। बच्चों को स्कूल जाने और मतदान केंद्र तक जाने में एक बरसाती नदी बाधा बन रही थी।

ग्रामीणों को मतदान करने के लिए पानी में उतर कर जाना पड़ता था। गांव के वृद्ध और महिला मतदाताओं को बूथ तक पहुंचना नामुमकिन था। ग्रामीणों के द्वारा सरकार और स्थानीय पदाधिकारियों को कई बार आवेदन दिया गया। लेकिन कोई सकारात्मक प्रयास होते नही दिख रहा था। तब ग्रामीणों ने खुद से ही कुछ करने को ठानी। और कुछ ही दिनों में बरसाती नहीं में अस्थाई पुल बना डाला।

मतदान के लिए आपसी सहयोग से चचरी पुल बनकर हुआ तैयार
स्थानीय गांव निवासी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर वोट तो डालना ही था, ऐसे में सभी ग्रामीणों ने मिलकर एक बैठक की और यह निर्णय लिया कि आपसी सहयोग से पुल बनाएंगे। गांव के युवकों के बीच विमर्श हुआ और लोग लग गए पुल बनाने में कड़ी मेहनत कर चचरी पुल बना कर तैयार कर दिया गया। अब यहां के लोग बिना परेशानी के मतदान केंद्र तक पहुच कर वोट डाल सकेंगे।

जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से मिला सिर्फ आश्वासन
वही शंकर बिगहा गांव निवासी टिंकू सिंह ने बताया कि जब-जब नदी में पानी आता है, तब उस पर जाने के लिए पानी के बीच से ही होकर गुजारना पड़ता है। पुल बनाने को लेकर स्थानीय विधायक, सांसद से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगाई गई। लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला।

ऐसे में गांव के युवाओं के साथ मिलकर हम लोगों ने आपसी सहयोग से पुल बनाने का निर्णय लिया। और अब यह फूल बनकर तैयार है। 29 सितम्बर को हमारे यहां पंचायत चुनाव है। अब गांव की महिलाएं और वृद्ध इस पुल को पार कर बूथ पर जाकर मतदान कर सकेंगे।

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