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  • The Settlement Of The Bus Parking Stand In The Junction Complex Is A Gift Of Supremacy, No Tender For Five Years

आपराधिक घटना से डरा रेलवे!:जंक्शन परिसर में बस पार्किंग स्टैंड की बंदोबस्ती वर्चस्व की चढ़ी भेंट, पांच सालों से टेंडर नहीं

गया7 दिन पहले
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  • रेलवे अपनी कमाई को लेकर नए तरीके अपना रहा, लेकिन 5 सालों में लाखों की कमाई से वंचित

रेलवे अपनी संपति व रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ व रेल पुलिस पर भारी भरकम खर्च कर रही है। आला अफसरों से लेकर सामान्य सिपाही के बदौलत पूरी सुरक्षा व्यवस्था पर सैलरी से लेकर उनकी सुख सुविधा का ख्याल रख रही। वहीं आमदनी बढ़ाने को लेकर रेलवे नित्य नए प्रयोग कर रही।

लेकिन आपराधिक घटनाओं के बाद रेलवे अपनी आमदनी के स्रोत को भी बचा नहीं पा रही। मामला गया जंक्शन का है, जहां रेलवे परिसर का बड़ा भू भाग उपलब्ध है। वहां रेलवे की लाखों की कमाई वाला बस पार्किंग स्टैंड का टेंडर वर्चस्व की भेंट चढ़ा है। 5 सालों से कोई टेंडर नहीं निकाला गया है।

जबकि इस दौरान जानकार बताते हैं कि करीब 40 से 50 लाख रुपए की आमदनी से रेलवे वंचित है। 23 जुलाई 2016 की अहले सुबह बस स्टैंड के पास वर्चस्व की लड़ाई में दो पक्षों के बीच गोलीबारी हुई थी। जंक्शन परिसर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज रहा था।

यात्री घटना के बाद इधर उधर भागने लगे। घटना में एक व्यक्ति के पैर में गोली लगी थी। दोनों पक्षों व रेल पुलिस की ओर से कुल पांच एफआईआर थाना में दर्ज की गई थी। कई लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए थे।

स्टैंड के पास रहा सुरक्षा बलों का पहरा फिर सामान्य
घटना के बाद रेल आरपीएफ और पुलिस जवानों की 24 घंटे सुरक्षा डयूटी लगी थी। धारा 144 लागू कर किसी भी गतिविधि पर पाबंदी थी। पर कुछ दिन के बाद स्थिति सामान्य होने पर सुरक्षा हटा ली गई थी। रेलवे के जानकार बताते हैं कि ट्रेन छूटने व ऐसे भी विभिन्न स्थानों के लिए अच्छी खासी लोगों का जंक्शन के पास से बसों से मूवमेंट है। यहां टेंडर से रेलवे को अच्छी आमदनी हो रही थी।

सुरक्षा का हवाला दे टेंडर रद्द करने की अनुशंसा कर दी
रेलवे ने टेंडर की शर्तों को पूरा करने वाले वाराणसी निवासी अजित प्रताप सिंह के नाम बंदोबस्ती दी थी। यह टेंडर पूर्व के ठेकेदार को न मिलकर नए व्यक्ति को मिला था। इसी दरम्यान जुलाई 2016 में वर्चस्व को लेकर गोलीबारी की घटना हुई। इसके बाद रेलवे सुरक्षा में लगे अफसरों ने परिसर में यात्रियों की सुरक्षा का हवाला देकर रद्द करने की अनुशंसा कर दी।

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