पूजा पंडालों में विराजमान हुईं मां सरस्वती:आज भक्त करेंगे विद्या की देवी की पूजा

गया14 दिन पहले
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जयति जय माता सरस्वती जयति वीणाधारिणी...। श्वेत वस्त्रा भूषिता मां जयति जय शुभकारिणी....। कमल आसन छोड़ दे मां भक्त हृदयासीन हो...। हंसवाहिणी दास तेरे हंस बुद्धि प्रवीण हो...। जयति जय माता सरस्वती जयति वीणाधारिणी...। बसंत पंचमी यानि तीनों महादेवियों में एक महासरस्वती का प्राकट्य दिवस...।

शुभ दिन गुरुवार को भक्त ज्ञान, बुद्धि, विद्या व संगीत की देवी माता सरस्वती की आराधना करेंगे। माता की प्रतिमा के पास कलम, किताब व पुस्तक रख विद्या का आशीर्वाद भी मां से मांगेंगे। बता दें कि 19 वर्षों के बाद राष्ट्र पर्व के साथ ज्ञान का महापर्व मनाया जा रहा है।

दैनिक भास्कर अखबार अपने पाठकों से अपील करता है कि वे इन दोनों पर्व को हर्ष व उत्साह के साथ मिलकर मनाएं। इधर आचार्य नवीन चंद्र मिश्र वैदिक ने बताया कि इस बार सरस्वती पूजा को लेकर विशेष संयोग बन रहा है। मां की विधित पूजा फलदायक होगी। यह दिन सिद्धि प्राप्त करने का है।

पूजा पंडालों में विराजमान हुई माता | सरस्वती माता विद्या दाता...।

सरस्वती माता की जय... के नारों के बीच बुधवार की रात रिक्शा, ठेला व ट्रैक्टरों से पंडालों में मूर्तियों को भक्तों ने लाया और पंडाल में प्रतिमा को विराजमान किया। माता की प्रतिमा विराजमान से पूर्व कई जगहों पर मनमोहक पंडाल का भी निर्माण किया गया है। अब गुरुवार को भक्त मां सरस्वती की पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पट को खोल दिया जाएगा। पूजा के बाद प्रसाद भी बांटे जाएंगे।

प्रसाद में आम के मंजर का करें उपयोग

आचार्य नवीन चंद्र मिश्र वैदिक ने बताया कि मां सरस्वती की आराधना भक्त दिन भर कर सकते है। सच्चे मन से मां की आराधना करना विशेष फलदायक है। मां अपने भक्तों की हर मुरादें पूरी करेंगी। कहा कि प्रसाद में नानाप्रकार के ऋतुफल के अलावे गुड़, फूला हुआ चावल, आम के मंजर का मिश्रण जरूर चढ़ाए, साथ ही सफेद गाय के दूध से खीर बना माता को अर्पित करे। इस दिन सफेद पुष्प मां के चरणों में चढ़ाए।

27 को रथ सप्तमी, सूर्य की होगी पूजा

27 जनवरी को रथ सप्तमी अचला सप्तमी का पर्व मनाया जाएगा। आचार्य ने बताया कि इस दिन किया गया दान, पुण्य, जप, तप व हवन करने से अचल फल की प्राप्ति होती है। कहा कि इस दिन ब्राह्मणी घाट सूर्य मंदिर के पास कई हवन कुंड का निर्माण कर विशेष पूजा अर्चना की जाती है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणी घाट स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर का दर्शन व पूजन जरूर करें। विशेष फल की प्राप्ति होगी।

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