केदारनाथ में मोदी:परंपराएं भूल रहे हैं हम, याद रखने की जरूरत

गयाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पीएम के लाइव प्रसारण को बोधगया मठ में देखते साधु व अन्य लोग - Dainik Bhaskar
पीएम के लाइव प्रसारण को बोधगया मठ में देखते साधु व अन्य लोग

हम अपनी समृद्ध विरासत को भूल रहे हैं। नई पीढ़ी को याद कराने की जरूरत है। आदि गुरु शंकराचार्य हमारे समृद्ध धरोहर व संस्कृति के महत्वपूर्ण अंग हैं। शुक्रवार को केदारनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भगवान आदि जगतगुरु शंकराचार्य के समाधि के लोकार्पण का कार्यक्रम के लाइव प्रसारण के बाद बोधगया शंकराचार्य मठ के सन्यासी स्वामी विवेकानंद ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि बोधगया मठ भगवान शंकराचार्य की परंपरा में अवस्थित एक प्राचीन मठ हैं। केदारनाथ त्रासदी में शंकराचार्य की समाधि का नुकसान हुआ था। उसके बाद सभी शंकर अनुयायियों को उनके समाधि के पुनर्निर्माण की प्रतीक्षा थी। इस प्रतीक्षा का आज अंत हो गया, मठ के सभी साधु संतों ने प्रधानमंत्री के उक्त कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

सभी महात्मा इस बात से बेहद प्रसन्न थे कि प्रधानमंत्री ने शंकराचार्य जी के दिग्विजय यात्रा चार धाम के पुनर्स्थापन ज्योतिर्लिंग एवं दशनामी परंपरा पर जो विशेष प्रकाश डाला, यह वास्तविकता में आज आवश्यक था। कहीं ना कहीं हम अपने महापुरुषों को भूलते जा रहे हैं।

बोधगया के जिक्र पर प्रसन्नता
अपने उद्बोधन में उन्होंने बोधगया मठ का भी नाम लिया, जिसके कारण स्थानीय जनमानस एवं बोधगया मठ से जुड़े श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल था। सभी जय केदार, हर हर महादेव और भगवान शंकराचार्य की जय जयकार कर रहे थे। उक्त अवसर पर बोधगया मठ के त्रिवेणी गिरी, दीनदयाल गिरी, सत्यानंद गिरी, विवेकानंद गिरी, विशाल आनंद गिरि, सर्वज्ञ आनंद गिरि सहित अन्य मौजूद थे।

लाइव कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता भी हुए शामिल

बोधगया में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तथा राज्य सभा सांसद गोपाल नारायण सिंह, जिलाध्यक्ष धनराज शर्मा, पूर्व सांसद हरि मांझी, पूर्व सांसद रामजी मांझी, वजीरगंज के विधायक वीरेंद्र सिंह, प्रदेश कार्य समिति सदस्य क्षितिज मोहन सिंह, भोला मिश्र, दिनेश कुमार सिंह, राजेश चौधरी के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रभारी सुधांशु कुमार मिश्र, डेल्टा होटल के संचालक संजय सिंह, धर्मेंद्र कुमार, जिला मंत्री बिनोद सिंह, विजय कुमार मांझी, बोधगया के ग्रामीण और नगर मंडल के साथ-साथ सैकड़ो कार्यकर्ता शामिल हुए।

खबरें और भी हैं...