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एक दिवसीय वेबिनार:सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा करने में काफी आगे है नारी: कुलपति

बोधगया8 दिन पहले
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  • विमेन स्टडी सेंटर विकसित करने को गांव जाकर करना होगा जागरूक
  • नारी अध्ययन विषय की महत्ता एवं रोजगार के अवसर’ विषय पर वक्ताओं ने रखे विचार

जितनी भी विदेशी सत्ता भारत में आई, उन्होंने हमारे संस्कृति पर प्रहार किया। इससे नारी भी प्रभावित हुई। नारी के अधिकारों का हनन होता रहा। समय देशकाल के अनुसार नारी की स्थिति बनती बिगड़ती रही। मगध विवि के विमेन स्टडीज विभाग के नारी अध्ययन विषय की महत्ता एवं रोजगार के अवसर विषय पर एक दिवसीय वेबिनार में कुलपति प्रो राजेंद्र प्रसाद ने उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा में नारी काफी आगे है। उनके अंतःचेतना का विस्तार किया जा रहा है। लेकिन उन्होंने विज्ञापनों में नारी के विकृत रूप को परोसे जाने पर दुख व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन होने वाला है। स्त्री विमर्श के विषय को ज्ञान विज्ञान के सभी क्षेत्रों में उचित स्थान मिलेगा। नारी अध्ययन एक मल्टीडिसीप्लिनरी विषय है और नारी अध्ययन विषय की अनंत संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा इसमें संदेह नहीं कि ब्रह्मांड के अनंत विस्तार में मानव के सृजन केंद्र में स्त्री है। विमेन स्टडी विभागाध्यक्ष प्रो निभा सिंह ने मंच संचालन व मनोविज्ञान विभाग की डॉ मीनाक्षी ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। नोडल अधिकारी संजय कुमार ने तकनीकी सहयोग किया।

यूजीसी के नियोजन विषय में नहीं हैं शामिल
मुख्य वक्ता पटना विवि के इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो भारती एस कुमार ने कहा कि कि यूजीसी द्वारा नियोजन विषय में इसे शामिल नहीं किए जाने से इस विषय के विद्यार्थियों को निराशा हुई है। यदि इस विषय को स्वतंत्र नहीं माना जाता है, तो एलाइड विषय के रूप में ही इसे स्थान दिया जाना चाहिए और इसके लिए सभी को प्रयास करना चाहिए। यह विषय अध्ययन का एक नया रूप है। इसके माध्यम से महिलाओं के लंबे इतिहास की जानकारी मिलती है।

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