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मंडे पॉजिटिव:महिलाओं को उद्यमशीलता का पाठ पढ़ाएगा वुमेन स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप

गया8 महीने पहले
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  • गया के रंजन ने वूमेनिया चक्र फाउंडेशन के तहत की इसकी पहल, देश भर की महिलाओं को स्टार्टअप में करेगा मदद
  • सरकार, काॅरपोरेट्स सहित अन्य संस्थानों से एमओयू की हो रही बात

महिलाओं में कंपनी चलाने व आंत्रप्रेन्योरशिप की क्षमता है। लेकिन मौकों व जानकारी के अभाव में वे अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित नहीं कर पाती हैं। अब महिलाओं की उद्यमशीलता व स्टार्टअप में उन्हें सहयोग कर उनके सशक्तिकरण की कोशिश के लिए वूमेन स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना की गई है।

इसकी स्थापना वूमेनिया चक्र फाउंडेशन ने की है। इसके फाउंडर गया जिले के टनकुप्पा के रंजन मिस्त्री हैं, जो देश के जाने-माने सोशल एंटरप्रन्योर हैं। यह एक नाॅन-प्रॉफिट रजिस्टर्ड कंपनी है, जिसका उद्देश्य भारत की सामाजिक, उद्यमशीलता और स्टार्टअप क्षेत्र में महिलाओं को शिक्षित कर उनकी उद्यमिता नेतृत्व प्रतिभा को तराशना और उद्यमशीलता में आगे बढ़ाना है। शिक्षा व उद्यमिता विकास करना संगठन का लक्ष्य है। इसके लिए सरकार, काॅरपोरेट्स, शिक्षण संस्थानों के साथ एमओयू पर बात चल रही है।
देगा तीन फेलोशिप

एंटरप्रेन्योरशिप फेलोशिप के तहत दो माह का समर व विंटर फेलोशिप केस स्टडी के लिए देगा। एक साल का वूमेनिया फेलोशिप, उन महिलाओं को अध्ययन के लिए देगा, जो स्टार्टअप या एंटरप्राइजेज पर काम करेगी।

तीन प्रोग्राम पर है फोकस
श्री रंजन ने बताया, पूरा प्रोजेक्ट अलग-अलग तीन स्तर पर आधारित है। पहला है कन्याप्रेन्योरशिप। यह कार्यक्रम स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए चलाया जाएगा। दूसरा है, हरप्रेन्योरशिप। यह कार्यक्रम कॉलेज और विश्वविद्यालय जाने वाली लड़कियों और महिलाओं के लिए चलाया जाएगा और तीसरा है दीदीप्रेन्योरशिप। यह कार्यक्रम उन ग्रामीण महिलाओं के लिए चलाया जाएगा, जो छोटे व्यवसाय में हैं और एक उद्यमी बनने की इच्छुक हैं।

महिलाओं का क्षमतावर्धन है लक्ष्य

वूमेन स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की स्थापना 14 मार्च 2020 को एक ऐसे संगठन के रूप में की गई है, जो सीखने और उद्यमशीलता नेतृत्व विकास के उद्देश्य को पूरा करेगी।

रंजन मिस्त्री की भूमिका अहम
इसके शुरू करने में रंजन मिस्त्री की मुख्य भूमिका है। वे इसके फाउंडर हैं। वे कैम्पस वार्ता सहित कई स्टार्टअप से जुड़े एक सोशल एंटरप्रन्योर हैं। संगठन की को-फाउंडर धनबाद की दीप्ति किरण हैं। कोर टीम में मो अमानुल्लाह, मनीष गुप्ता व कोमल गुप्ता शामिल हैं।

महज 5.9 फीसदी महिलाएं हैं स्टार्ट अप फाउंडर : आरबीआई ने अपने रिपोर्ट में बताया है कि मात्र 5.9 फीसदी स्टार्टअप फाउंडर महिलाएं हैं। इंडेक्स आॅफ वूमेन एंटरप्रन्योर 2019 में 57 देशों में भारत को 52वां स्थान प्राप्त है।

आने वाले सालों में अधिक से अधिक महिला उद्यमी आएं, इसके लिए बेसिक जानकारी व प्रशिक्षण देगें। हम विभिन्न क्षेत्रों जैसे - स्कूल, कॉलेज, कॉर्पोरेट्स से लड़कियों और महिलाओं को प्रशिक्षित कर सामाजिक और स्टार्टअप क्षेत्र में एक सार्थक योगदान देने के लिए क्षमता निर्माण का अवसर प्रदान करते हैं।
रंजन मिस्त्री, फाउंडर, वूमेन स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप
स्टार्टअप या आंत्रप्रेन्योरशिप में महिलाओं की संभावनाओं के बावजूद उनकी भागीदारी न्यून हैं। उनकी क्षमता का सही उपयोग करना हमारा लक्ष्य है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से उद्यमशीलता की अधिक संभावनाएं हैं, इसलिए उसे टारगेट कर सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रहे हैं।
दीप्ति किरण, को-फाउंडर, वूमेन स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप

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