पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

प्रवचन:चिंता बहुत खतरनाक महारोग, इससे ज्ञान, बल और बुद्धि हो जाते हैं नष्ट

गया3 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • दिगंबराचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज का धर्मोपदेश जारी, उमड़े भक्त

चिंता बहुत खतरनाक महारोग हैं। यह रोग मनुष्यों को चिता पर लिटा देता है। चिंता से ज्ञान, बल व बुद्धि नष्ट हो जाता हैं। चिंता सर्वनाश और महा बीमारियों का फल है। चिंता नहीं चिंतन करो। चिंतन से ही आत्म शांति संभव है। ये बातें मंगलवार को शहर के रमना रोड स्थित जैन भवन में विराजित दिगंबराचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज ने जैन श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन के दौरान कहीं।

कहा कि चिंतन चिंतामणि मणी के समान अचिंत्य फलदायी होता है। चिंतन करने से निश्चित ही मनुष्य के शरीर में बदलाव आएगें। मुनिश्री ने सच्चे गुरु का भी बखान किया। बताया कि सच्चे गुरु शिष्यों को अच्छा रास्ता दिखाते हैं, जो गुरू के मार्ग पर चलता है उनका निश्चित ही आत्म कल्याण होता है।

गुरुओं के बताए मार्ग पर जो श्रद्धा, विश्वास के साथ चलते है उनका भव बंधन शीघ्र टूट जाता है। जीवन को श्रेष्ठ और आनंदपूर्ण बनाना है तो पापों को त्यागकर पुण्य कार्यो में चित्त लगाकर आत्म संयम का आचरण करना चाहिए।
उत्कृष्ट ज्ञान से प्राप्त होती है निर्मलता: मुनिश्री ने बताया कि उत्कृष्ट ज्ञान से निर्मलता प्राप्त होती है। संयम, आस्था से ज्ञान पवित्र होता है। ज्ञान श्रेष्ठ वहीं है जो सम्यक् आचारण की ओर ले जाए। मुनि श्री ने कहा कि जब तक हम सम्यक् आचरण नहीं करेंगे तब तक नाट्य वेष उपयोगी नहीं होता है। चिंता से ग्रसित व्यक्ति शीघ्र ही नष्ट हो जाता है। ज्ञानादि गुण को सुरक्षित रखना है तो चिंता छोड़ों, चिंतन करो।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- इस समय ग्रह स्थितियां आपके स्वाभिमान और आत्म बल को बढ़ाने में भरपूर योगदान दे रहे हैं। काम के प्रति समर्पण आपको नई उपलब्धियां हासिल करवाएगा। तथा कर्म और पुरुषार्थ के माध्यम से आप बेहतरीन सफलता...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...

  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser