मामले ने पकड़ा तूल:लंबे बाल रखता था युवक, भाई ने काटा तो आग लगा ली, 43 दिन बाद हुई मौत

गया2 महीने पहले
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मामले की जांच करते सिटी एसपी व अन्य अधिकारी। - Dainik Bhaskar
मामले की जांच करते सिटी एसपी व अन्य अधिकारी।
  • धर्मपरिवर्तन के बाद घरवापसी के दबाव की बात फैली तो पुलिस ने की जांच
  • 11 अगस्त की सुबह 5 बजे नीतीश को आग से झुलसता हुआ सड़क पर देखा गया
  • एसएसपी के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में जांच के लिए पहुंची पुलिस की टीम

युवक के धर्म परिवर्तन के बाद घर वापसी के लिए तैयार नहीं होने पर उसे जलाकर मार डालने की सूचना पर गया पुलिस ने मामले की जांच की। युवक के परिजनों से पूछताछ की। छानबीन के बाद सिटी एसपी ने कहा कि न धर्म परिवर्तन का मामला है, न जिंदा जलाए जाने का। युवक ने आग लगाकर खुदकुशी की थी। यह अलग बात है कि घर वालों ने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी। 4 साल पूर्व युवक के पिता ने ईसाई धर्म को अपनाया था। पिता का कहना है कि उन पर भी कभी किसी ने दबाव नहीं डाला है।

इस तरह की खबर के संज्ञान में आने के बाद मंगलवार को सिटी एसपी राकेश कुमार महकार थाने के कामता नगर गांव पहुंचे। वहां पता चला कि इस गांव के नीतीश कुमार के आग में झुलसने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए पटना ले गए थे जहां 43 दिनों के बाद रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक नीतीश कुमार कामता नगर गांव का ही रहने वाला था।

नीतीश और राजीव में हुआ था विवाद
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस की टीम कामता नगर गांव पहुंचे। घटना के दिन नीतीश के भाई राजीव ने नीतीश को बड़े-बड़े बाल रखने को लेकर डांट पिलाई थी और रात में उसके बढ़े हुए बाल को काट दिया था जिसके बाद नीतीश और राजीव में विवाद हुआ था। उसके बाद नीतीश ने आग लगा ली।

मामला संदेहास्पद, 45 दिनों तक पुलिस को नहीं दी गई सूचना

  • परिजनों से जानकारी लेने के बाद यह बात सामने आई कि मामला संदेहास्पद है। क्योंकि इस घटना की कोई भी सूचना इनलोगों ने 45 दिनों तक पुलिस को नहीं दी। जबकि घटना 5 बजे सुबह हुई थी और दो दिनों तक स्थानीय स्तर पर इसका इलाज चला। धर्म परिवर्तन का कोई मामला नहीं है। - राकेश कुमार, सिटी एसपी, गया

आग से झुलसता हुआ सड़क पर देखा गया था, तब अस्पताल ले गए
पुलिस अधिकारियों ने घटना की जांच की और मृतक नीतीश कुमार के परिजनों से मिलकर इस बाबत विस्तार से पूछताछ की। जांच के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक ने मृतक के पिता वकील रविदास, भाई राजीव कुमार और उसके बहन राजो देवी से घटना के संबंध में पूरी जानकारी प्राप्त की। मृतक का गांव गया-पटना मुख्य मार्ग पर है और इसका घर भी रोड पर ही है। उनलोगों ने बताया कि 11 अगस्त की सुबह 5 बजे नीतीश कुमार के आग से झुलसता हुआ सड़क पर देखा गया। दो दिनों तक इलाज करने के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना ले गए। जहां उसकी मौत 26 सितंबर दिन रविवार को हो गई।

घटना के बाद स्थानीय लोग कह रहे- युवक ने खुद आग लगा ली
घटना की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई इसके विषय मे भी कोई सटीक जवाब परिजनों के द्वारा नहीं दी गई। स्थानीय ग्रामीण भी घटना कैसे हुई ये बताने से बचते रहे। लेकिन जब उनसे ग्रामीण बनकर पूछताछ की गई तो पता चला कि घटना के दिन नीतीश का बड़ा भाई राजीव, नीतीश को बड़े-बड़े बाल रखने को लेकर डांट पिलाई थी और रात में उसके बढ़े हुए बाल को काट दिया था जिसके बाद नीतीश और राजीव में विवाद हुआ था। इस मामले में कुडवा पंचायत के मुखिया राजबलम पासवान ने बताया कि पारिवारिक विवाद में घटना होने की जानकारी हमें भी हुई है। हमारे इलाके में कहीं भी धर्म परिवर्तन को लेकर कभी तनाव नहीं हुआ है।

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