आक्रोश:उचकागांव में सांप ने किशोर को डसा, इलाज के अभाव में मौत

गोपालगंज14 दिन पहले
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शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण - Dainik Bhaskar
शव रखकर प्रदर्शन करते ग्रामीण
  • ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर किया प्रदर्शन, जांच के लिए बनी टीम

सर्पदंश से पीड़ित किशोर की इलाज के अभाव में मौत हो गई। मौत के बाद परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और अस्पताल के गेट के समीप शव को रखकर प्रदर्शन करने लगे।घटना उचकागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है।परिजनों का कहना था कि समय से इलाज और ऑक्सीजन नहीं मिला।आक्रोशित दोषी डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।बाद में किसी तरह से लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया गया। थाना क्षेत्र के उचकागांव निवासी राजकुमार गोसाई का 15 वर्षीय बेटा गोरख गोसाई शुक्रवार की रात अपने घर के छत पर सोया हुआ था। इसी दौरान मध्य रात्रि में छत पर चढ़कर एक जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। किशोर के चीखने चिल्लाने पर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों के सहयोग से घायल गोरख गोसाई को इलाज के लिए उचकागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई।जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शनिवार की सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर चिकित्सक के विरुद्ध इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया गया।इस दौरान ग्रामीणों द्वारा कुचायकोट-लाइन बाजार मुख्य पथ पर शव को रखकर आवागमन बाधित कर जमकर प्रदर्शन किया गया।

सड़क को भी तीन घंटे रखा जाम
आक्रोशित लोग ने अस्पताल गेट से शव लेकर कुचायकोट-लाइन बाजार मुख्य पथ पर शव को रखकर आवागमन बाधित कर दिया। जिससे मुख्य पथ पर लगभग 3 घंटे तक आवागमन बाधित रही। सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर पुलिस पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार, इंद्रभूषण कुमार, गजेंद्र सिंह, छोटेलाल पासवान आदि पदाधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों को दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर समझा-बुझाकर शांत कराया। जिसके बाद फिर से आवागमन शुरू हो सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

विभाग की लापरवाही से बुझ गया चिराग
उचकागांव के राजकुमार गोसाई के 15 वर्षीय बेटे गोरख गोसाई की शुक्रवार की मध्य रात्रि सर्पदंश के बाद इलाज के क्रम में मौत हो जाने के बाद पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गोरख गोसाई की मौत के बाद उसके घर का चिराग भी बुझ गया है। बताया जा रहा है कि राजकुमार गोसाई का एक ही बेटा और दो नाबालिक बेटियां हैं। किशोर गोरख गोसाई के मां का घर पर ही प्रसव कराने के दौरान 8 वर्ष पहले ही मौत हो गई थी। पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण मेहनत मजदूरी की बदौलत ही वह अपने परिवार का जीवन यापन करता है‌। मृतक के पिता राजकुमार गोसाई का आरोप था कि सर्पदंश से बचाव के लिए अस्पतालों में इंजेक्शन लगाया जाता है, चिकित्सक के ने सलाइन चढ़ाया।

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