दोनों हाथ में सिर्फ एक उंगली, बनना चाहती है डॉक्टर:जमुई की करीना को उंगलियां ना होने का अफसोस नहीं, बोली- बस पढ़ना चाहती हूं

अमित सिंह| जमुई5 महीने पहले

दोनों हाथ में 10 की जगह सिर्फ एक उंगली, लेकिन हौसला पहाड़ जैसा। जमुई की एक दिव्यांग बच्ची, जिसके दोनों हाथ में उंगलियां नहीं है, सिर्फ बाएं हाथ में एक अंगूठा है। इस अंगूठे के आगे सारी मुश्किलें उसके लिए बौनी है। वो कहती है कि बस पढ़ना है।

ये कहानी है 10 साल की करीना की। जिसे अपने हाथों में उंगलियां नहीं होने का कोई अफसोस नहीं। वो अपने रोजमर्रा के काम उसी बखूबी से करती है, जैसे एक आम आदमी। बड़ी बात ये है कि उंगलियां नहीं होने के बावजूद वो पढ़ाई करती है, एक होनहार छात्रा है और बड़ी होकर पढ़कर लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है।

करीना के हौसले को देखकर गांव के लोग भी आश्चर्यचकित है। जमुई के नक्सल प्रभावित इलाके कागेश्वर गांव की रहनेवाली करीना से नियति ने भले उंगलियां छीन ली हो, लेकिन उसका हौसला नहीं छीन पाई है।अजय राम की बेटी करीना छठी क्लास में पढ़ती है। केवल एक उंगली के सहारे अपनी पढ़ाई कर रही है। करीना के पिता परदेश में ट्रक चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।

करीना को उंगली न होने पर अफसोस नहीं है।
करीना को उंगली न होने पर अफसोस नहीं है।

समाज की मदद करना चाहती हूं- करीना

वैसे तो जन्म से दिव्यांग होने के कारण करीना को कई तरह की परेशानी होती है। लेकिन वो दूसरों से मदद नहीं लेना चाहती, बल्कि समाज की मदद करना चाहती है। करीना बताती है कि वह पढ़ लिखकर डॉक्टर बनना चाहती है। डॉक्टर बनकर समाज के लोगों की मदद करने की बात कहती है। करीना बताती है कि उंगली नहीं होने पर उसका अफसोस नहीं है। मैं पढ़ना चाहती हूं बस।

पढ़ाई में होनहार है दिव्यांग करीना।
पढ़ाई में होनहार है दिव्यांग करीना।

डॉक्टर ने बोला, बेटी के हाथ काटने पड़ेंगे- मां

करीना की मां सुमन देवी बताती है कि 4 बच्चों में करीना दूसरे नंबर पर है। जन्म से ही इसके दोनों हाथ ऐसे हैं। डॉक्टर को दिखाया तो हाथ काटने को कहा। डॉक्टर का कहना है कि प्लास्टिक का हाथ लगाना पड़ेगा। उन्होंने डॉक्टर की बात को नहीं मानी। अगर अपनी बेटी की हाथ को कटवा दिया तो वो मेरे पर निर्भर हो जाएगी। आज वह अपना काम खुद करती है। हालांकि करीना की मां को उसकी चिंता सताती रहती है। कहती है कि अभी तो छोटी है, जैसे-तैसे सब कर लेती है, बड़ी होगी तो उसे कौन देखेगा। पढ़कर लिखकर कुछ बन जाए तो तसल्ली रहेगी।

दूसरे बच्चों से बहुत अलग है करीना, किसी को अपनी तकलीफ जल्दी ने बताती।
दूसरे बच्चों से बहुत अलग है करीना, किसी को अपनी तकलीफ जल्दी ने बताती।

पढ़ाई में तेज है करीना- चाचा

करीना के चाचा बताते है कि वह पढ़ने में बहुत तेज़ है। हमेशा पढ़ती रहती है। इसे सरकार की तरफ से कुछ लाभ मिल जाए तो मदद हो जाएगी। इससे यह पढ़कर अपना सपने को पूरा कर सकेगी। उन्होंने बताया कि करीना दूसरे बच्चों से बहुत अलग है। अपने दुख को किसी को नहीं बताती है।