जमुई की लड़की जगा रही है शिक्षा की अलख:महादलित टोले में बच्चों को हर दिन पढ़ाती है, मुफ्त में दे रही है शिक्षा

जमुई10 दिन पहले

जमुई बरहट प्रखण्ड के नक्सल प्रभावित इलाके के दलित बस्ती कटका गांव में पिछले 2वर्ष से सीमा गरीब दलित बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रही है। इस बस्ती के 3 दर्जन गरीब बच्चों को प्रतिदिन 3 से 4 घंटे पढ़ाती है। सीमा जो B.A पार्ट टू के स्टूडेंट है। जो भूगोल विषय से ऑनर्स की पढ़ाई कर रही है। आज सीमा बस्ती के दलित बच्चों का भविष्य संवारने का काम कर रही है।

सीमा बताती है जब मैं नाबालिक थी तब मेरे पिता ने मेरी शादी तय कर दी।मैं शादी का बहिष्कार कर शादी नहीं करने का फैसला किया। मेरे पिता कक्षा 6 तक की पढ़ाई की है। जिसके कारण शिक्षा का पूर्ण ज्ञान नहीं होने के कारण मेरी शादी करना चाहते थे।जब उन्हें समझाया कि पहले शिक्षा फिर शादी। आज पिताजी मेरे साथ है।मैं नर्स बनना चाहती हूं।जिससे कि आगे चलकर गरीब दलित बेसहारा बच्चों की मदद कर सकूं।

सीमा बताती है मेरे गांव में केवल 5 लोग ही हैं जो मैट्रिक या उससे आगे पढ़ पाया है। मेरे गांव में लगभग 50 घर है। गांव से स्कूल की दूरी 3 से 4 किलोमीटर होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं और वह दिन भर इधर से उधर घूमते रहते थे।तभी मैंने सोचा कि क्यों न इन सभी बच्चों को पढ़ाया जाए और शिक्षा के प्रति जागरूक करूं। आज हमारे पास 3 दर्जन से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं। कई बच्चे ऐसे थे जो पहले पढ़ना नहीं चाहता था पर आज दूसरे बच्चों को पढ़ते देख वह भी पढ़ने लगे है। सीमा की सोच और लगन का नतीजा है कि आज महादलित टोला के दर्ज़नो बच्चे पढने आ रहे है।

वहीं एक बच्चे सनोज ने बताया कि मम्मी के दिये 5 रूपये से कॉपी खरीद कर सीमा दीदी के पास पढ़ने आ रहा हु।इसी तरह कई बच्चे हैं जो आज पढ़ने आते हैं। सीमा के पिता अर्जुन मांझी कहते हैं कि मैं तो छोटी उम्र में ही अपनी बेटी की शादी कर रहा था पर सीमा के पढ़ाई की जिद्द के कारण मुझे शादी रोकना पड़ा।आज मेरी बेटी ने कई बच्चों को पढ़ा रही है।