छठ घाटों पर लगा है गंदगी का अंबार:ग्रामीणों ने की प्रशासन से मांग, जल्द हो घाटों की सफाई का काम

जमुई2 महीने पहले

लोक आस्था के पर्व छठ पूजा में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इसके बावजूद छठ घाटों की साफ-सफाई शुरू नहीं हुई है। मलयपुर कदम घाट पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। घाट के किनारे नदी में भी काफी गंदगी है। ऐसे में व्रतियों को छठ में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

छठ पर्व में कुछ दिनों का समय बच गया है।ऐसे में किस स्तर की साफ-सफाई घाटों पर होगा। इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। मलयपुर कदम घाट पर 15 से 20 हजार के बीच छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है। एक समय मलयपुर कदम घाट की सुंदरता और के बारे में हर कोई बात करता था।

अब तक छठ घाटों की साफ-सफाई शुरू नहीं हुई है।
अब तक छठ घाटों की साफ-सफाई शुरू नहीं हुई है।

आज आलम यह है कि इस घाट पर गांव की दो बड़ी नालिया आजन नदी में गिरती है। इसके कारण इस नदी की स्थिति नरकीय हो गया है। ठेकेदारों द्वारा तो नाला बना दिया गया और आंजन नदी में घरों का गंदे पानी को गिरा दिया गया। जिसके कारण मलयपुर कदम घाट की स्थिति नरकीय हो गई।

लोगों ने की सफाई करवाने की मांग।
लोगों ने की सफाई करवाने की मांग।

इन छठ घाटों पर जनप्रतिनिधि की ओर से साफ-सफाई और अन्य व्यवस्था की जाती है। अभी तक किसी जनप्रतिनिधि की नींद नहीं खुली है। अब तक साफ-सफाई का काम भी शुरू नहीं हो सका है। घाट के साथ-साथ आस्था के इस पर्व के लिए आस पास का इलाका भी साफ-सुथरा होना चाहिए। इसके तहत घाट पर जाने वाले रास्तों की साफ-सफाई भी अहम है।

स्थानीय ग्रामीण बिमल कुमार सिन्हा ने बताया कि गांव की आधी आबादी के घरों से निकलने वाला गंदे पानी दो बड़े बड़े नालों से नदी में गिर रहा है। इसके कारण नदी की स्थिति नरकीय हो गई है। ग्रामीणों ने मांग की है नाले के पानी को बंद किया जाय और इसका वैकल्पिक उपाय भी जल्द किया जाए। वही चंदन कुमार ने बताया कि इस घाट पर दूर दूर के इलाके के लोग आते है। 15 से 20 हजार की भीड़ लगता है। जल्द ही साफ सफाई हो।

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