मिलेगा लाभ:शुद्ध पानी के लिए लगा 232 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट

भभुआ18 दिन पहले
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लेब्रोटरी में जांच करते तकनीशियन - Dainik Bhaskar
लेब्रोटरी में जांच करते तकनीशियन
  • जिले में 232 नल-जल योजना की जांच में 1.5 मिली ग्राम से अधिक मिला फ्लोराइड

कैमूर में पीने के शुद्ध पानी के लिए 232 जगहों पर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है।इससे जिन इलाकों में पानी की लेब्रोटरी जांच में फ्लोराइड की मात्रा पाई गई है उस इलाके के लोगों को पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है। दरअसल जिले में 232 जगहों पर पानी की जांच में 1.5 मिली ग्राम से अधिक फ्लोराइड मिला है। कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य प्रमंडल अमित कुमार ने बताया है कि कैमूर में नल जल स्कीम की राज्यस्तरीय इनकी जांच में 232 नल-जल स्कीम में पानी में फ्लोराइड की मात्रा पाई गई है, जहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जा रहा है।

जानकर बताते हैं पानी में फ्लोराइड की अत्यधिक मात्रा वाले पेयजल अथवा भोजन के सेवन से फ्लोरोसिस रोग होने का खतरा रहता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय मानक ब्यूरो के अनुसार प्रति लीटर पानी में फ्लोराइड की मात्रा 1.5 मिलीग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए।राज्य स्तरीय टीम की सर्वें में खुलासा हुआ है कि जिले के कई हिस्सों की भूजल में रसायनों का मिलावट है। बारीक जांच में यह तथ्य सामने भी आया है। बताया गया है कि जिले की भूजल में लोहा के अलावे फ्लोराइड की मात्रा है। जहां- तहां आर्सेनिक के भी अंश की पुष्टि हुई है। इसको लेकर केंद्रीय मंत्रालय ने एडवायजरी जारी किया है।

बीमारी से बचाव के लिए स्वच्छ पानी पीना बेहद जरूरी
बताया गया है कि पानी से होने वाली बीमारी से बचाव के लिए स्वच्छ पीने की पानी का बड़ा महत्व है। इससे इम्यून सिस्टम दुरुस्त रहता है। रोगों से लड़ने की भी क्षमता बढ़ी रहती है। जिले के भी कई ऐसे जगह है जहां पानी की गर्मी के दिनों में किल्लत सामने आती रही है। इसे गंभीरता से लिया गया है। भले ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का दावा यह हो कि जिले में 232 स्थानों पर फ्लोराइड की मात्रा पाई गई है, लेकिन हालिया जानकारी के मुताबिक जिले के कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां लोगों को पीने का शुद्ध पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। इससे लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। हालांकि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता का कहना है कि टीम लगातार काम कर रही है जहां भी पानी में फ्लोराइड की मात्रा पाई जाती है,वहां के पानी के लेबोरेटरी में जांच कर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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