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जांच:अप्रैल माह में 3769 घरों में पॉवर कंपनी के इंजीनियरों ने की ऊर्जा खपत की जांच, 4% उपभोक्ता चोरी करते धराए

भभुआ9 दिन पहले
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  • सिर्फ एक माह में 22 लाख रुपए की पॉवर कंपनी के अभियंताओं ने छापेमारी कर बिजली की चोरी पकड़ी है

अप्रैल माह में 3769 घरों में पॉवर कंपनी के इंजीनियरों ने की ऊर्जा खपत की जांच की।जांच में 4% उपभोक्ता चोरी करते धराए।जिसमें 92 उपभोक्ता बिजली की चोरी करते पकड़े गए। इन उपभोक्ताओं पर प्राथमिकी दर्ज कर 2273830 की क्षति का दावा किया गया। हालांकि इनमें से 68 लोगों ने क्षतिपूर्ति भुगतान भी कर दिया है। मसलन मई माह में भी यह जारी है। दरअसल मीटर बायपास कर बिजली का उपभोग, विद्युत विच्छेदन के बावजूद टोंका लगाकर बिजली की चोरी का दावा बिजली विभाग का है। मसलन सिर्फ एक माह में 22 लाख रुपए की पॉवर कंपनी के अभियंताओं ने छापेमारी कर बिजली की चोरी पकड़ी है। छापेमारी में 4% ऐसे उपभोक्ता मिले, जो या तो मीटर बायपास कर बिजली का उपयोग कर रहे थे या बिजली विच्छेदन के बावजूद उनके घरों में ऊर्जा उपयोग होते रहा। कहीं-कहीं तो बिना कनेक्शन के ही बिजली का उपभोग की किया जा रहा है।

ऊर्जा की कितनी क्षति हो रही इसका आकलन करने का प्रबंध नहीं
विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जिले को आपूर्ति की गई बिजली के विरुद्ध खपत कि उपभोक्तावार आकलन नहीं हो पाता।जिससे बिजली की आवग और आपूर्ति के आंकड़ों में अंतर रहता है।आपूर्ति व्यवस्था में भी ऊर्जा क्षति होती है। जिसके आकलन के लिए विभाग के पास कोई प्रबंध नहीं है। मसलन 5 करोड़ 53 लाख 71,627 यूनिट कैमूर में बिजली मिली। लेकिन इनमें से 5 करोड़ 10 लाख 81,470 यूनिट की ही खपत मीटर के जरिए हुई।

कनेक्शन क्षमता से अधिक उपभोग पर जुर्माना भी
दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के आधिकारिक जानकारी के मुताबिक कई उपभोक्ता तो ऐसे हैं जिनके कनेक्शन क्षमता कम है, लेकिन उनका उपभोग लोड उससे अधिक है। ऐसे उपभोक्ताओं को चिन्हित कर जुर्माने के तौर पर अतिरिक्त रकम भी वसूली जाएगी। इसे पहचानने में स्मार्ट मीटर सक्षम है।

छापेमारी दल गठित कर बिजली चोरी रोकने का प्रयास
बिजली की चोरी रोकने के लिए औचक छापेमारी दल का गठन किया गया है। टीम जगह-जगह जाकर जांच पड़ताल कर रही है। जिसमें कई उपभोक्ता बिजली चोरी करते पकड़े भी जा रहे हैं। इससे पावर डिसटीब्यूशन कंपनी को राजस्व क्षति हो रही है। मनोज कुमार, कार्यपालक अभियंता

मई माह में इंजीनियरों ने 1697 उपभोक्ताओं की जांच की
बीते शुक्रवार तक के आंकड़ों की बात करें तो मई माह में अभियंताओं ने 1697 उपभोक्ताओं की जांच की है। जिनमें 43 उपभोक्ता बिजली की चोरी करते पकड़े गए हैं। सभी के विरुद्ध संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।विभाग के सहायक अभियंता (राजस्व) मोहम्मद जफर के अनुसार बिजली चोरी की घटनाएं बढ़ी है। इससे पावर डिसटीब्यूशन कंपनी को काफी नुकसान हो रहा है। बिजली की चोरी रोकने और राजस्व संग्रहण के लिए विभाग की ओर से छापेमारी दल का गठन किया गया है। गुप्त सूचना के आधार पर भी जांच पड़ताल की जा रही है। जिसमें अप्रैल माह में 92 उपभोक्ता चोरी करते पकड़े गए। जिनके विरुद्ध 22 लाख से अधिक की आर्थिक क्षति की गई है।

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