पौष्टिक पूरक आहार:आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण मेन्यू में बदलाव बच्चों को नास्ते में मिलेगा अब मौसमी फल

कटिहार14 दिन पहले
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आंगनबाड़ी केंद्र में भोजन करते बच्चे। - Dainik Bhaskar
आंगनबाड़ी केंद्र में भोजन करते बच्चे।
  • प्रतिदिन उपस्थित लाभुकों के आधार पर होगा पोषण राशि के व्यय का निष्कासन

जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पौष्टिक पूरक आहार में बदलाव किया गया है। अब बच्चों को और अधिक पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की अनुमति दी गई है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर 03 से 06 वर्ष के बच्चों को स्कूल अवधि के दौरान नास्ते व भोजन के रूप में दो बार भोजन दिया जाएगा। इसके लिए सप्ताह के सभी दिन नास्ते व खाने में अलग-अलग भोजन दिया जाएगा। इसे लेकर आईसीडीएस निदेशालय द्वारा सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में नामंकित बच्चों को पोषाहार के रूप में कैलोरी एवं प्रोटीन युक्त भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक बदलाव किया गया है। आईसीडीएस डीपीओ सुगंधा शर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर 03 से 06 वर्ष के बच्चों को पोषण युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। जिससे कि बच्चा स्वस्थ व तंदुरुस्त हो सके। इसके लिए समय के अनुसार उन्हें आवश्यक पोषाहार उपलब्ध कराया जाता है। आईसीडीएस विभाग द्वारा बदलते समय के अनुसार पूरक आहार गतिविधियों में बदलाव किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देश अनुसार बच्चों को नास्ते में केला, पपीता जैसे मौसमी फल, दूध, अंकुरित चना व गुड़, भुना चना और मूंगफली जैसे पदार्थ दिए जाएंगे।

भोजन में पोषणयुक्त पुलाव और खिचड़ी का वितरण
पोषण अभियान के जिला समन्यवक अनमोल गुप्ता ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर नए पूरक पोषाहार के रूप में बच्चों को चावल का पुलाव, रसिया, खिचड़ी, आलू-चना सब्जी के साथ चावल, सोयाबीन सब्जी व चावल, कद्दू दाल या साग दाल के साथ चावल परोसा जाएगा। यह सभी पोषाहार बच्चों के पोषण के लिए आवश्यक है। इससे बच्चों के शरीर में प्रोटीन और कैलोरी में इजाफा होता और उनका स्वास्थ बेहतर होता है। बच्चों के साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं को भी पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा।

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