प्रखंडों में यात्री सुविधा की अनदेखी:बस स्टॉप कहीं तबेला तो कहीं बन गया खलिहान

कटिहार8 दिन पहले
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समेली में बस स्टॉप बना खलिहान। - Dainik Bhaskar
समेली में बस स्टॉप बना खलिहान।
  • उदासीनता, प्रति बस स्टॉप 1 लाख 90 हजार 300 रुपए की लागत से जिले में 17 स्थानों में बना यात्री शेड

सुरक्षित परिवहन और दुर्घटना से बचाव के लिए जिले के 15 प्रखंड और 2 नगर पंचायत में बनाए गए यात्री बस स्टॉप इन दिनों पशुओं का तबेला, किसानों के लिए खलियान और अतिक्रमणकारियों का अड्डा बन गया है। शनिवार को जिले के 5 प्रखंडों में दैनिक भास्कर ने जब इसकी पड़ताल की तो नवनिर्मित बस स्टॉप की हकीकत सामने आई। आजमनगर में बनाए गए बस स्टॉप पर स्थानीय लोग पशु बांधते हैं। जबकि समेली में किसान बस स्टॉप पर मक्का सुखाते हैं और मक्का संग्रह करके रखते हैं। वही कुर्सेला चौक पर बने बस स्टॉप का आम लोगों को पता ही नहीं है। जबकि डंडखोरा में बने बस स्टॉप का लोग इसका इस्तेमाल ही नहीं करते हैं। मनिहारी में बस स्टॉप पर आवारा पशुओं का कब्जा है। परिवहन विभाग के अनुसार जिले में 17 बस स्टॉप का निर्माण कराया गया है। इसके लिए प्रति बस स्टॉप निर्माण कार्य पर विभाग ने 1 लाख 90 हजार 300 रुपए खर्च किए हैं।

आजमनगर में बस स्टॉप बना पशुओं का तबेला
आजमनगर प्रखंड के केसरी चौक के निकट नवनिर्मित बस स्टॉप मवेशी के लिए तबेला बनकर रह गया है। बस स्टैंड दबंगों के कब्जे में है और यहां पशु बांधते हैं। इसे बस स्टॉप कहे या मवेशी रखने का तबेला तस्वीर में स्पष्ट दिखाई पड़ता है। हालांकि इस इस ओर से दिन भर प्रशासनिक पदाधिकारी लोगों का आना जाना होता है। बावजूद बस स्टॉप की दुर्दशा पर किसी की नजर नहीं पड़ती है।

कुर्सेला का बस स्टॉप अतिक्रमण का शिकार

कुर्सेला नेशनल हाईवे 31 के किनारे बनी यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टॉप के आगे अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। अतिक्रमण के कारण बस स्टॉप लोगों को दिखाई नहीं पड़ता है। बस स्टॉप के आगे अतिक्रमण कर कई दुकानें सजाई जाती है। लोगों को भी यह पता नहीं है कि यहां बस स्टॉप का निर्माण हुआ है। लोगों को बस पकड़ने के लिए इधर-उधर या सड़क किनारे धूप में खड़ा होना पड़ता है।

नवाबगंज का बस स्टॉप आवारा पशुओं का कब्जा

मनिहारी प्रखंड के नवाबगंज में पंचायत भवन के समीप आ गए नवनिर्मित बस स्टॉप से लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। इसका निर्माण ऐसी जगह कराया गया है जहां न बस लगती है और ना ऑटो रुकती है। दिन भर आवारा पशुओं का यह जमावड़ा रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां से लोगों को बस या ऑटो पकड़ने की सुविधा होती वहीं पर इसका निर्माण कराया जाना था। इसका निर्माण सही जगह नहीं कराया गया।

डंडखोरा बस स्टॉप से यात्री वाहनों का परिचालन नहीं
डंडखोरा प्रखंड के थाना चौक के समीप डंडखोरा डुमरिया सड़क के किनारे बस स्टॉप का निर्माण कराया गया। लेकिन राहगीरों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्योंकि डंडखोरा डुमरिया सड़क पर न ऑटो चलती है ना बस का संचालन होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां इसका निर्माण होना चाहिए था वहां नहीं हुआ। ऐसी जगह निर्माण कराया गया है जहां परिवहन की सुविधा नहीं है।

समेली में बस स्टॉप बना खलियान
समेली प्रखंड क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के समीप नवनिर्मित स्टॉप में इन दिनों किसानों का कब्जा है। बस स्टॉप के पास किसान अपना मक्का सुखाते हैं तो वही शाम के समय बस स्टॉप में ही मक्का को स्टॉक करते हैं। बस स्टॉप के निर्माण होने से लोगों में खुशी थी लेकिन बस स्टॉप के खलियान बनाए जाने पर लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है।

कराई जाएगी बस स्टॉप की जांच
सभी प्रखंडों में बस स्टॉप का निर्माण कराया गया है। अगर इसका उपयोग गलत ढंग से किया जा रहा है तो वैसे बस स्टॉप को चिन्हित कर संबंधित प्रखंड के बीडीओ को सूचित कर जांच करवाई जाएगी और दोषी पर कार्रवाई होगी।
-मो अतहर, जिला परिवहन पदाधिकारी, कटिहार

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