परेशानी:सोसाधार पर बनी काठ पुल ध्वस्त होने के 35 वर्ष बाद भी नहीं बना, परेशानी

प्राणपुरएक महीने पहले
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  • जान जोखिम में डालकर चचरी​​​​​​​ पुल के सहारे आवागमन करने को मजबूर

प्रखंड क्षेत्र के सोसाधार जो की दक्षिणी लालगंज पंचायत के अंतिम सीमा रेखा पर और अमदाबाद प्रखंड के प्रारंभ पर अवस्थित सोसाधार में लोग आज भी चचरी पुल के सहारे आवागमन करने को मजबूर है। वही नया टोला गांव के ग्रामीण मोहम्मद वाहब खुर्शीद, जुबेर आलम सहित अन्य लोगों ने बताया कि सोसाधार में आज से लगभग 35 वर्ष पूर्व काठपुल था जो कि वर्ष 1987 के भीषण बाढ़ के दौरान पुल ध्वस्त हो गया था। उक्त पुल होकर प्राणपुर अमदाबाद व मनिहारी प्रखंडों के महादेवपुर, रोशना, नया टोला, देवा, लक्ष्मीपुर, महुअर आदि गांव के लोगों का आवागमन होता था। वर्ष 1987 से प्राणपुर, अमदाबाद व मनिहारी प्रखंड के दर्जनों गांवों के लोग पुल के अभाव में आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए बांस के चचरी पुल के सहारे आवागमन करने को मजबूर है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि खासकर बरसात के समय में लोगों को लाभा रेलवे स्टेशन ट्रेन पकड़ने के लिए लगभग आठ किलोमीटर की दूरी तय कर जाना पड़ता है। सोसाधार पर पुल बन जाने से लाभा रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग तीन किलोमीटर हो जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि सोसाधार मे पुल निर्माण की मांग को लेकर सांसद-विधायक व प्रशासनिक पदाधिकारी तक का भी ध्यान कई बार आकृर्षित करवाया गया उसके बाद भी आज तक किसी ने इस दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की। जो कि आज भी लोग चचरी पुल के सहारे आवागमन करने को मजबूर है। प्राणपुर अमदाबाद एवं मनिहारी के दर्जनों लोगों ने जिला प्रशासन से सोसाधार पर पुल निर्माण की मांग की है।

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