सदर अस्पताल में नाश्ता मिलता है पर दवा नहीं:142 संदिग्ध में 57 डेंगू पॉजिटिव, फिर भी बाहर से खरीदनी पड़ रही दवाइयां

खगड़ियाएक महीने पहले
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सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज।

डेंगू को लेकर स्वास्थ्य विभाग कितना गंभीर है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सदर अस्पताल में इलाजरत मरीजों को डॉक्टरों के कहने पर बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रहीं हैं। सरकारी अस्पतालों में डेंगू के मरीजों को समुचित इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है।कुछ दवाइयां तो अस्पताल से मिल जाती हैं, पर बाकी दवाइयों के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है।

भास्कर टीम ने शुक्रवार को जब सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की पड़ताल की, तो सामने आया कि यहां भर्ती मरीजों को बाहरी दवाइयों के सहारे ही रहना पड़ता है। डेंगू वार्ड में भर्ती अलौली प्रखंड के बडहरा निवासी 20 वर्षीय मनीष कुमार ने बताया कि वह बीते पांच दिनों से भर्ती हैं।

उन्होंने बताया कि अस्पताल की तरफ से सुबह, दोपहर और रात को चाय-नाश्ता और खाना तो दिया जा रहा है, लेकिन दवाइयां बाहर से खरीदकर लानी पड़ती है। भर्ती मरीजों ने बताया कि डॉक्टर के द्वारा पर्ची पर लिखी कई आवश्यक दवाइयां अस्पताल की तरफ से नहीं दी गई। सदर अस्पताल में अब तक 142 लोगों की एलिसा बेस्ड किट से जांच के दौरान 57 मरीजों की पुष्टि हुई है।

इनमें से 24 मरीजों को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया। इसमें से 17 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं, लेकिन प्राइवेट अस्पतालों में डेंगू का इलाज कराने वाले मरीजों की भरमार है। सदर अस्पताल के डेंगू वार्ड में अभी सात मरीज भर्ती हैं।

प्रतिदिन 200 से अधिक बुखार पीड़ित मरीज सदर अस्पताल में करा रहें इलाज

वैसे तो सदर अस्पताल में प्रतिदिन सामान्यत: 700 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, मगर इन दिनों सिर्फ बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या 200 के पार पहुंच रही है। किसी में तेज बुखार तो किसी में हल्के बुखार के साथ कमजोरी और सर्दी-खांसी की शिकायत है। निजी जांच घरों में भी डेंगू के लक्षण वाले मरीजों जांच के लिए पहुंच रहे हैं।

शहरी क्षेत्र में डेंगू का प्रकोप ज्यादा, अब गांवों में भी फैला, गोगरी, अलौली, मानसी बना हॉट स्पाॅट

खगड़िया शहर में एक ही परिवार के कई लोगों के डेंगू से पीड़ित होने का मामला सामने आ रहा है। अधिकांश लोग निजी अस्पताल में इलाज और जांच कराने के बाद या तो घर में आईसोलेट हैं, या फिर किसी दूसरे शहर के अस्पतालों में इलाजरत हैं। इधर ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेंगू के कई मरीज पाए जा रहें हैं। गोगरी प्रखंड के समसपुर, अलौली एवं मानसी प्रखंड में भी डेंगू के मरीज पाए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इससे बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

जो दवा उपलब्ध नहीं, वही बाहर से खरीदकर लानी पड़ती है

डेंगू के इलाज के लिए सदर अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयां मौजूद है। कुछ मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा को देखते हुए अलग से दवाइयों की आवश्यकता पड़ती है, जिसे बाहर से खरीदकर मंगवाया जाता है। ऐसा कुछ मरीजों के साथ ही हाेता है। डेंगू वार्ड में भर्ती मरीजों की नियमित रूप से जांच हो रही है।

- डॉ. वाईएस प्रयासी, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल, खगड़िया।

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