भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:सीओ साहब ये रही खनन की तस्वीर, लोकेशन है अलौली का बोहरवा, 200 मजदूर करते हैं खुदाई

गौतम/हेमंत | भास्कर न्यूजएक महीने पहले
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अलौली के बोहरवा के समीप कोसी नदी किनारे अवैध बालू खनन में लिप्त मजदूर। - Dainik Bhaskar
अलौली के बोहरवा के समीप कोसी नदी किनारे अवैध बालू खनन में लिप्त मजदूर।
  • सफेद बालू के अवैध खनन पर सवाल उठाने वाले से ही सीओ सबूत और लोकेशन मांगते है, भास्कर आज उन्हें सबूत दे रहा
  • बोहरवा के अलावा फुलतौरा व इचरूआ से राेजाना 2000 सीएफटी से ज्यादा सफेद बालू का होता है खनन
  • खनन माफियाओं के आपसी वर्चस्व में वर्ष 2019 में हरिलाल मुखिया की हत्या के बाद कुछ माह तक बंद था अवैध खनन

जिले के अलौली प्रखंड के फुलतौरा, बोहरवा एवं इचरूआ में काेसी नदी से रोज बालू माफिया 2000 सीएफटी से ज्यादा सफेद बालू का अवैध खनन करते हैं। अवैध खनन के कार्य में रोज 200 से ज्यादा मजदूर लगाए जाते हैं और सैंकड़ों की संख्या में ट्रैक्टरों से बालू की ढुलाई की जाती है। खुलेआम हो रही अवैध खनन के खेल काे प्रशासन न तो रोकता है और न ही इसपर अंकुश लगाने की मनसा ही रखता है। इस बारे में जब लोग सवाल करते हैं तो संबंधित अधिकारी प्रश्न पूछने वाले से ही खनन का सबूत और लोकेशन मांगते हैं। आज भास्कर ऐसे अधिकारी को पुख्ता सबूत दे रहा है साथ ही हम उन्हें खनन होने वाली जगह भी बता रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे दिए हुए सबूत को अधिकारी संज्ञान में लेंगे और इसपर कार्रवाई भी करेंगे। दरअसल, अलौली प्रखंड के फुलतौरा, बोहरवा एवं इचरूआ के इलाके में दिन के उजाले और रात के अंधेरे में धड़ल्ले से सफेद बालू का अवैध खनन किया जा रहा है।

बालू खनन में बाहूबली व अपराधी प्रवृति के लोग शामिल
चेराखेरा पंचायत के दक्षिणी बोहरबा में कोसी नदी के किनारे इन दिनों जोर- शोर से अवैध खनन हो रहा है। बताया जाता है कि इस धंधे में इलाके के बाहूबली और अपराधी प्रवृति के लोग जुड़े हुए हैं। जिसके डर से कोई अपना मुंह नहीं खोलता है। ऐसा कहा जाता है कि अधिकारी भी वहां जाने से डरते हैं। उल्लेखनीय है कि बालू खनन में अपना वर्चस्व जमाने के कारण वर्ष 2019 में बोहरबा गांव निवासी हरिलाल मुखिया की हत्या बालू घाट पर ही गोली मारकर कर दी गई थी। तब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अवैध खनन पर रोक लगा दी थी। मगर बीते तीन वर्ष से लगातार खनन जारी है।

नदी में अवैधा खनन की वजह से 150 से ज्यादा घर नदी में हो चुके हैं विलीन
बताया जाता है कि अवैध खनन के कारण ही पूरा बोहरबा गांव नदी में समा चुका है। ग्रामीण के अनुसार अबतक लगभग डेढ़ सौ घर कटकर नदी में समा चुका है। ऐसे में आने वाले दिनों में जमींदारी बांध पर भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। क्योंकि लगातार खनन से नदी की धारा मुड़ सकती है। वहीं इससे बाढ़ के समय नदी भयानक रूप अपना सकती है।

3 वर्ष पूर्व 8 धंधेबाजों को भेजा गया था जेल
अलौली में कोसी नदी किनारे अवैध रूप से बालू खनन मामले में तीन वर्ष पूर्व खनन विभाग के साथ स्थानीय प्रशासन ने छापेमारी को 8 ट्रैक्टर को बालू सहित जब्त किया था। वहीं इस मामले में 8 कारोबारियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था। जिसके बाद से कुछ दिनों तक वहां खनन नहीं हो रहा था। मगर बाद में फिर से बालू माफिया एक्टिव हो गए और तब से अबतक बड़े पैमाने पर खनन जारी है। बताते चलें कि सबसे अधिक खनन बोहरवा घाट से आगे किया जाता है। इसके अलावा गरैया घाट, मांझवारी, फुलतौरा, ओरा और इचरूआ में भी अवैध खनन होता है।

चिमनी भट्‌टा को सप्लाई | कोसी नदी किनारे सफेद बालू के साथ मिट्‌टी का अवैध खनन कर माफिया इलाके के चिमनी भट्‌ठा को सप्लाई करते हैं। माफिया बालू का खनन कर नाव के सहारे फुलतौरा एवं समस्तीपुर जिला के बिथान प्रखंड क्षेत्र की सीमा तक ले जाते हैं। जहां से ट्रैक्टर से ढोया जाता है। हालांकि रात में सीधे ट्रैक्टर से ही बालू को ढोया जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन और विभगीय अधिकारी की मिलीभगत से बेखौफ होकर इस काले धंधे को अंजाम दिया जा रहा है।

सीओ बोले- पुख्ता सबूद दें तो होगी कार्रवाई
अवैध खनन के विरुद्ध समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। आपके पास जानकारी है तो पुख्ता सबूत दें, फिर कार्रवाई होगी। जहां-जहां खनन होता है, वहां का लोकेशन आप मुझे उपलब्ध कराइए, फिर कार्रवाई करूंगा।
- प्रदीप कुमार, सीओ, अलौली।

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