साधना से सिद्धि प्राप्त होती है:कार्य सिद्धि में विशेष स्थान रखती है दिवाली : शुभम सावर्ण

खगड़िया2 महीने पहले
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24 अक्टूबर को दीपों का महापर्व दीपावली है। घरों व प्रतिष्ठानों में धन की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी, रिद्धि-सिद्धि व बुद्धि के ज्ञाता भगवान गणेश, महाकाली, इंद्र व कुबेर की पूजा होगी। आचार्य शुभम सावर्ण ने बताया कि दीपावली का दिन कार्य सिद्धि के लिए विशेष स्थान रखता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन वायुमंडल में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है।

समस्त ब्राह्मंड में दैविक ऊर्जा शक्ति व्याप्त रहती है। इस रात महालक्ष्मी की पूजन से धन वृद्धि, व्यापार वृद्धि और यंत्र, मंत्र व तंत्र साधना की सिद्धि प्राप्त की जा सकती है। आइए पढ़ें दीपावली पर धार्मिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षणिक व वैज्ञानिक महत्व से जुड़ी बात।

धार्मिक महत्व :

महालक्ष्मी, महाकाली, भगवान गणेश, इंद्र व कुबेर की विधिवत पूजा से देवता प्रसन्न होते है। विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन व संपदा में वृद्धि होती है। ऐसी मान्यता है कि दीपावली के दिन अयोध्या के राजा राम चौदह वर्ष के वनवास के बाद लौटे थे। प्रभु श्रीराम के स्वागत के लिए अयोध्यावासियों ने दीये जलाए थे।

आर्थिक महत्व:

इस पर्व में लोग नए कपड़े, घर के सामान, उपहार, सोने, चांदी, वाहन, मिट्‌टी के दीये, कलश, बर्तन सहित अन्य सामानों की खरीदारी करते है। इस पर्व में खरीदारी काफी शुभ मानी जाती है, क्योंकि लक्ष्मी को धन, समृद्धि की देवी मानी जाती है। हर वर्ग की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। व्यापारी भी पुराने आय-व्यय की पुस्तिका को समाप्त करते है।

वैज्ञानिक महत्व :

दीपावली का वैज्ञानिक महत्व भी होता है। महालक्ष्मी व भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं द्वारा घर के साथ-साथ मंदिरों में करोड़ों दीये जलाए जाते है। दीये के प्रकाश से वातावरण शुद्ध होता है। वातावरण में फैले कीटाणुओं का नाश होता है। मन में शांति की भावना विशेष रूप से जागृत होती है। इस दिन जप, तप और हवन से मनुष्यों को असीम शांति की प्राप्ति होती है।

शैक्षणिक महत्व:

दीपाेत्सव की रात शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी काफी अहम स्थान रखती है। इस समय को ऊर्जा मास कहा जाता है। विद्यार्थी मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर अपने शरीर के अंदर की ऊर्जा को जागृत कर सकते है। विद्यर्थियों के लिए दीपावली के दिन विद्यालक्ष्मी मंत्र का अवश्य जप करना चाहिए।

राजनीतिक महत्व:

दीपों की रोशनी अंधकार को मिटाकर प्रकाश की ओर ले जाने की सीख देती है। राजनीति वालों को लक्ष्मी पूजन से न्याय करने की वृद्धि प्राप्त होती है।​​​​​​​​​​​​​

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