प्रवेश उत्सव:सेविका घर-घर जाकर स्कूल छोड़ने वाली बच्चियों को चिह्नित कर फिर से कराएंगी नामांकन, चल रही तैयारी

खगड़ियाएक महीने पहले
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  • प्रवेश उत्सव चलाकर ड्रॉप आउट हुई बच्चियों को पुन: विद्यालय में कराया जाएगा नामांकन

प्रवेश उत्सव चलाकर बेटियों का फिर‎ से स्कूलों में नामांकन किया जाएगा। इसके लिए 11 से 14 साल की‎ बेटियों की घर-घर मैपिंग की जाएगी। ‎ड्राॅप आउट व स्कूल छोड़ने वाली‎ बेटियों की इसमें पहचान की जाएगी। घर-घर खोजने के बाद आंगनबाड़ी सेविका इन बच्चियों का स्कूलों में नामांकन कराएंगी। कन्या शिक्षा प्रवेश‎ उत्सव के लिए महिला विकास निगम‎ ने जिले के विभागीय अधिकारियों को‎ टास्क सौंपा है। बता दें कि राज्य में‎ 35 से 45 फीसदी बेटियों के स्कूल‎ छोड़ने की रिपोर्ट ने बच्चियों की पढ़ाई‎ को लेकर सरकार की चिंता बढ़ा दी‎ है। अब फिर से इन बच्चियों को‎ स्कूल से जोड़ने के लिए कवायद‎ शुरू की गई है। बीते दिसंबर में‎ मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से‎ टीम जिले में भी आई थी। टीम ने‎ विभिन्न प्रखंडों के स्कूलों में सर्वे‎ किया था। सर्वे में बच्चियों के स्कूल‎ छोड़ने की वजह पता करने की‎ कोशिश की गई थी। बच्चियों के ड्रॉप‎ आउट और आउट ऑफ स्कूल के‎ बढ़ते आंकड़ों को लेकर महिला एवं‎ बाल विकास मंत्रालय और भारत‎ सरकार की ओर से संयुक्त रूप से‎ कन्या शिक्षा प्रवेश उत्सव मनाया जा‎ रहा है। डीईओ कृष्णमोहन ठाकुर ने‎ बताया कि जिला द्वारा 2020-21‎ और 2021-22 में 11-14 साल की‎ स्कूल नहीं जाने वाली किशोरी व‎ बालिकाओं की संख्या काफी कम‎ भेजी गई थी। ऐसी स्थिति में अब‎ प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के स्तर पर‎ इस उम्र की बच्चियों की मैपिंग कराई‎ जाएगी।‎

बच्चियों का रिकॉर्ड खंगालेंगी आंगनबाड़ी सेविकाएं‎ ‎
डीईओ ने बताया कि आंगनबाड़ी सेविका अपने पोषक क्षेत्र में स्कूल नहीं‎ जाने वाली बच्चियों का रिकॉर्ड खंगालेंगी। इसमें नाम, जन्म तिथि समेत‎ सभी जानकारी भरकर महिला पर्यवेक्षिका से सत्यापन करा बाल विकास‎ परियोजना कार्यालय में जमा करेंगी। इसके बाद सीडीपीओ बीईओ से‎ कॉर्डिनेशन कर प्रखंड संसाधन समन्वयक के माध्यम से इन बच्चियों की‎ मैपिंग करेंगे और उसे प्रबंध पोर्टल पर अपलोड करेंगे। जिला प्रोग्राम‎ अधिकारी इसे अपने स्तर से सत्यापित कर विभाग को रिपोर्ट भेजेंगे।

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