उदासीनता:सड़क पर बढ़ती गई वाहनों की संख्या फिर भी शहर में पार्किंग की सुविधा नहीं

खगड़िया2 महीने पहले
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शहर के राजेन्द्र चौक पर वाहनों की भीड़ के कारण उत्पन्न हुई जाम की समस्या। - Dainik Bhaskar
शहर के राजेन्द्र चौक पर वाहनों की भीड़ के कारण उत्पन्न हुई जाम की समस्या।
  • इस कारण शहर की तमाम सड़कों पर हर दिन जाम की समस्या होती है उत्पन्न
  • सड़क की चौड़ाई 15 फिट हो या 40 फिट, हर जगह की स्थिति एक जैसी

हर दिन बढ़ती वाहनों की संख्या और पार्किंग का अभाव शहर के लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर हर दिन जाम की स्थिति से लोगों को सामना करना पड़ता है। मंगलवार को भी शहर के राजेन्द्र चौक के समीप वाहनों की बेहिसाब भीड़ के कारण काफी देर तक जाम की स्थिति बनी रही। खचाखच भीड़ के बीच ई-रिक्शा और बाइकसवारों से जाम में फंसे लोगों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा। शहर की तमाम सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। शहर की आबादी का ग्राफ हर रोज बढ़ रहा है। साल दर साल हजारों की संख्या में वाहनों की भीड़ भी बढ़ रही है। रोजाना शहर की सड़कों पर 20 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही हो रही है। मगर लोगों के समक्ष गाड़ी खड़ी करने की समस्या बरकरार है। क्योंकि शहर में पार्किंग का अभाव है। सड़क पर ही बस, ऑटो और ई रिक्शा स्टैंड संचालित होता है। पार्किंग के लिए जगह नहीं रहने के कारण लोगों को सड़क पर ही वाहन खड़े करने पड़ते हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि बाजार की 15 फीट की सड़क हाे या 40 फिट, सभी जगहों पर वाहनों का पार्किंग करने और फुटपाथ दुकानदारों के कब्जे से सड़क सिकुड़ती जा रही है। ये कहा जाय की पार्किंग के अभाव में अव्यवस्थित शहर की तंग सड़कें शहर की सबसे बड़ी समस्या है। मगर पार्किंग की व्यवस्था पर न तो प्रशासन का ध्यान है और न राजनेताओं का है।

विक्रेताओं के लिए वेंडिंग जोन जरूरी
शहर की सड़कों पर अतिक्रमण भी लगने वाले जाम का प्रमुख कारण है। अतिक्रमण हटाने के बाद अतिक्रमणकारी फिर से अपनी जगह पर आ जाते हैं और फिर से वही समस्या उत्पन्न हो जाती है। अतिक्रमणकारी फुटकर विक्रेताओं को हटाए जाने के बाद उनके लिए जगह की व्यवस्था नहीं की जाती है। सड़क पर सजने वाली फुटकर विक्रेताओं के लिए यदि वेडिंग जाेन की व्यवस्था हो जाय तो शहर में लगने वाली जाम की आधी समस्या समाप्त हो जाएगी।

हर दिन 20 हजार से अधिक वाहनों का दबाव
सिर्फ खगड़िया शहर की बात करें तो 20 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहनों का दबाव शहर की सड़कों पर रहता है। इसमें बाइक, ई रिक्शा, ऑटो, कार, ट्रक, ट्रैक्टर एवं अन्य वाहन शामिल है। पैदल चलने वालों की संख्या भी काफी है।

इस वर्ष 13 हजार वाहनाें का हुआ रजिस्ट्रेशन
शहर में वाहनों की लगातार बढ़ते संख्या के आंकड़ों पर गौर करें तो इस वर्ष अब तक करीब 13 हजार दो पाहिया, तीन पहिया, चार पहिया एवं अन्य वाहनों का रजिस्ट्रेशन परिवहन विभाग के द्वारा किया जा चुका है। जिला परिवहन कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष अब तक सबसे अधिक 11 हजार से अधिक दो पहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। करीब 8 सौ ट्रैक्टर, 200 कार का रजिस्ट्रेशन हुआ है।

चौड़ी स्टेशन रोड की समस्या सबसे गंभीर
शहर के सड़कों में से जाम की गंभीर समस्या स्टेशन रोड की है। एक तो वर्षों से जर्जर सड़क और दूसरी तरफ सड़क के अधिकांश भागों पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है।

बाजार की सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों और दुकानदारों की संख्या (लगभग)
दो पहिया वाहन -10 हजार
चार पहिया वाहन -15 हजार
फुटफाथ दुकानदार - 5 हजार से अधिक

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