खगड़िया में स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम किया सील:गर्भपात के दौरान महिला का फटा था गर्भाशय, फर्जी निकलने पर हुई कार्रवाई

खगड़िया5 दिन पहले
नर्सिंग होम को सील करते अधिकारी।

खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित मड़ैया और परबत्ता बाजार में फर्जी तरीके से संचालित राज आरोग्य सेवा सदन और मां गंगा हाॅस्पिटल नामक नर्सिंग होम को डीएम डॉ आलोक रंजन घोष के सख्त निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सील कर दिया है। इसके साथ दोनों नर्सिंग होम के संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। बताते चलें कि उक्त दोनों नर्सिंग होम के संचालक के द्वारा एक तीन माह की गर्भवती महिला का गर्भपात कराया गया था। जिससे महिला का गर्भाशय फट गया और इलाज के दौरान बीते 10 मई को महिला की मौत हो गई।

मृतक मड़ैया के पिपरालतीफ गांव के मुनि टोला निवासी विनोद मुनि की 31 वर्षीय पत्नी सोनी देवी थी। जिसकी मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर शव के साथ मड़ैया में राज आरोग्य सेवा सदन नामक फर्जी नर्सिंग होम के बाहर जमकर बवाल काटा था। जबकि मामले को रफा दफा करने के लिए पिपरालतीफ पंचायत के सरपंच मोहम्मद इबरार सहित कई अन्य लोगों ने महिला की मौत का सौदा ढ़ाई लाख रुपए में कर दिया। रुपए लेनदेन का वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने अपने डिजिटल प्लेटफार्म पर इस खबर को प्रमुखता से उठाया था। खबर चलने के बाद प्रशासनिक तंत्र एक्टिव हुआ और आनन-फानन में दोनों फर्जी नर्सिंग होम को सील कर दिया।

हालांकि इलाज के नाम पर चल रहे इस काले कारोबार की जानकारी मिलने के बाद जिले के डीएम ने सिविल सर्जन डॉ अमरनाथ झा को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया था। जिसके बाद गठित स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिना अनुमति और बगैर लाइसेंस के चल रहे राज आरोग्य सेवा सदन और मां गंगा हाॅस्पिटल नामक नर्सिंग होम की जांच कर उसे सील कर दिया।

बोर्ड बड़े डाॅक्टर का, इलाज करते थे अनुभवहीन कर्मी

बताते चलें कि उक्त दोनों फर्जी नर्सिंग होम के बाहर बड़े और दूसरे जिले के डाॅक्टर का बोर्ड लगाकर अनुभवहीन कर्मी के द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन सहित अन्य इलाज किया जाता था। जिसके बदले में मरीजों से मोटी रकम वसूल की जाती थी। जिसका खुलासा हुआ तो कार्रवाई से पहले ही दोनों संचालक नर्सिंग होम के बाहर लगे बोर्ड और अंदर रखे दवा के साथ उपकरण लेकर मौके से फरार हो गए।