आक्रोश:ईंट लोड ट्रैक्टर से पुल का बैरियर टूटा, ग्रामीणों ने की भट्ठा मालिकों की गिरफ्तारी की मांग

किशनगंज14 दिन पहले
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खगड़ा मझिया रोड में पुल पर विरोध-प्रदर्शन करते स्थानीय लोग। - Dainik Bhaskar
खगड़ा मझिया रोड में पुल पर विरोध-प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।
  • पांच वर्ष पूर्व बाढ़ मंे बहा था पुल, मझिया पुल निर्माण की मांग को लेकर की थी भूख हड़ताल
  • प्रशासन ने बैरियर लगाकर भारी वाहनों के प्रवेश पर लगा दी थी रोक

शहर के वार्ड संख्या 34 मझिया पुल पर लगे बैरियर को अज्ञात उपद्रवियों ने तोड़ दिया है। शनिवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों की नजर बैरियर पर पड़ी। सूचना फैलते ही आक्रोशित ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और पुल पर विरोध प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ईंट भट्ठों के ओवरलोड वाहनों के द्वारा बैरियर को तोड़ा गया है। लोगों ने थाना में आवेदन देकर ईंट-भट्ठा मालिकों की गिरफ्तारी की मांग की है। जन अधिकार पार्टी के छात्र जिला अध्यक्ष इम्तियाज नसर ने कहा कि पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने भूख हड़ताल किया था। तब भूख हड़ताल तुड़वाने के लिए थानाध्यक्ष, नप कार्यपालक पदाधिकारी, बीडीओ 27 मार्च को पुल पर पहुंचे थे। उस समय नप द्वारा आश्वासन दिया गया था कि भारी वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंन्ध का सूचना पट्ट लगाते हुए बैरिकेडिंग लगाएंगे। नप ने तो वादा पूरा किया। लेकिन पुलिस के द्वारा कहा गया था कि भारी वाहन परिचालन को स्थानीय लोग रोककर पुलिस को सूचना देगी तो पुलिस ऐसे वाहनों को जब्त करेगी। इस संबंध में लगातार पुलिस को सूचना दी जाती रही, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुआ। नतीजा है कि शुक्रवार को बैरिकेडिंग को ही तोड़ दिया गया। ग्रामीणों ने कहा मझिया को बचाने के लिए ईंट-भट्ठा को यहां प्रशासन बन्द कराएं। अन्यथा इलाके के लोग आंदोलन पर उतरने को बाध्य हो जाएंगे। बताते चले कि खगड़ा मझिया रोड में जर्जर पुल पर भारी वाहनों के परिचालन को बन्द करने के लिए एक माह पूर्व नगर परिषद ने लोहे का बैरिकेडिंग लगाया था। शुक्रवार को ईंट लदे ट्रेक्टर ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इससे नाराज स्थानीय लोगों ने पुल पर जमकर नारेबाजी की। साथ ही मांग किया कि ट्रैक्टर मालिक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया जाए।

2017 की बाढ़ में टूट गया था पुल
2017 में आई जलप्रलय में सड़क के साथ पुल भी क्षतिग्रस्त होने से मझिया का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया था। सड़क बनने से पूर्व बरसात में मझिया के लोग बंगाल होकर 13 किमी की दूरी तय कर जिला मुख्यालय आते थे। अब सड़क का निर्माण हो चुका है। लेकिन पुल अभी भी जीर्णशीर्ण हालत में हैं। ग्रामीणों का मानना है कि जर्जर पुल भारी वाहनों के दवाब नहीं झेल पाएगा। इसी को बचाने की जद्दोजहद स्थानीय लोग कर रहे हैं।

पुलिस और खनन विभाग का है मामला
नप कार्यपालक पदाधिकारी दीपक कुमार ने कहा कि नगर परिषद ने बड़ी राशि खर्च कर लोहे की बैरिकेडिंग लगवाया था तथा कहा गया था कि अगर किसी ने उसे तोड़ दिया तो पुलिस कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि ईंट-भट्ठे को ओवरलोड परिचालन से रोकने के लिए खनन विभाग को भी लिखा गया था। लेकिन कार्रवाई सिफर रहा। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। नगर परिषद विधिसम्मत कार्रवाई करेगी।

दो बार पुल निर्माण निगम को भेजा गया है रिमाइंडर
तत्कालीन डीएम आदित्य प्रकाश ने जून 2020 में नप क्षेत्र में तीन पुल निर्माण का प्रस्ताव पुल निर्माण निगम को भेजा था। जिसमें खगड़ा मझिया रोड में 45 मीटर लंबा पुल, जुलजुली में 30 मीटर लंबा पुल एवं वार्ड नंबर 20 में ख़िरदह के पास 40 मीटर पुल निर्माण का प्रस्ताव शामिल है। भूख हड़ताल के बाद मार्च 2022 में पुनः रिमाइंडर भेजा गया। लेकिन इन पुलों के निर्माण की स्वीकृति अभी नहीं मिल पाई है।

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