जल-जीवन-हरियाली संवाद:जल-हरियाली के बिना जीवन संभव नहीं :डीएम

किशनगंज7 दिन पहले
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जिप सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी, डीडीसी व अन्य अिधकारी। - Dainik Bhaskar
जिप सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित जिलाधिकारी, डीडीसी व अन्य अिधकारी।
  • जल प्रहरी बोले-सचेत नहीं हुए तो असंतुलित पर्यावरण दोहराएगा इतिहास
  • पर्यावरण संतुलन के लिए आमलोगों को भी जागरूक होने की जरूरत

जिला परिषद सभागार में शनिवार को आदर्श लोक कल्याण संस्थान के द्वारा जल जीवन हरियाली संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर उपस्थित डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि जल और हरियाली जीवन का अभिन्न अंग है। इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है। हालांकि बिहार में ऐसी स्थिति नहीं है। राज्य सरकार इस मामले पर काफी गंभीर है। डीआरडीए द्वारा जिले में जलस्रोत का जीर्णोद्धार के साथ साथ बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया गया है। लेकिन पर्यावरण संतुलन के लिए आमलोगों को भी जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने संवाद कार्यक्रम में उपस्थित पंचायती राज के प्रतिनिधि, जीविका दीदी से भी अपील किया कि जहां जगह मिले पौधा अवश्य लगाएं। उसकी देखभाल करें। आदर्श लोक कल्याण संस्थान के संयोजक सह जल प्रहरी मनोहर मानव ने कहा कि पर्यावरण की संरक्षा नहीं की गई तो पर्यावरण असंतुलन इतिहास दोहराएगी। उन्होंने हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो की विकसित सभ्यता का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि लोग जागरूक नहीं थे। नतीजा हुआ कि दोनों सभ्यता विलुप्त हो गयी। इस अवसर पर डीडीसी मनन राम, एडीएम ब्रजेश कुमार, डीईओ सुभाष गुप्ता, वरीय उप समाहर्ता मंजूर आलम, रेड क्रॉस के सचिव मिक्की साहा सहित कई अधिकारी, पंचायती राज के कई प्रतिनिधि सहित जीविका दीदियां उपस्थित थी।

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