कार्यक्रम:प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रत्यक्षण इकाई की होगी स्थापना, जुड़ेंगे बाजार से

किशनगंज2 महीने पहले
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बैठक की शुरुआत करते निदेशक प्रसार शिक्षा व अन्य। - Dainik Bhaskar
बैठक की शुरुआत करते निदेशक प्रसार शिक्षा व अन्य।
  • कृषि वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 12वीं बैठक संपन्न, अनानस और ड्रैगन फ्रूट किशनगंज की पहचान

कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में शुक्रवार को कृषि वैज्ञानिक सलाहकार समिति की 12वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे अटारी जोन चार पटना के निदेशक सह निदेशक प्रसार शिक्षा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर डॉ. अंजनी कुमार ने कई निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्र पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रत्यक्षण इकाई के स्थापना की बात कही। कहा कि किशनगंज में लगभग 2200 मिमी सालाना बारिश होती है जो अनानास और चाय उत्पादक किसानों के लिए वरदान है। केन्द्र द्वारा इसपर आगामी कार्ययोजना तैयार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक प्रति इकाई उत्पादन मिल सके। कहा कि ड्रैगन फ्रूट किशनगंज जिले के लिए पहचान बन चुका है, इसे जैविक एवं प्राकृतिक खेती में परिवर्तित कर बाजार से जोड़ने का काम किया जाए। उन्होंने केन्द्र द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों एवं गतिविधियों के आंकलन के बाद कर्मियों के कार्यशैली की प्रशंसा की एवं जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम को महत्व देने तथा जिले के अनुरुप अंगीकृत पांचों ग्रामों में मौसम अनुकूल फसल पद्धति स्थापित करने का निर्देश दिया ताकि उत्पादकता बढ़ सके। केन्द्र के प्रक्षेत्र में चल रहे बीज उत्पादन तकनीक, मखाना उत्पादन एवं प्रत्यक्षण इकाइयों का उन्होंने मुआयना किया एवं समेकित कृषि प्रणाली के त्रुटियों को दूर करने का निर्देश दिया। इसके पूर्व केन्द्र प्रधान ई. मनोज कुमार राय ने जिले में चलाए जा रहे कृषि संबंधित गतिविधियों, कौशल प्रशिक्षण, जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम की रुपरेखा बताई। डॉ. कलाम कृषि कॉलेज के प्राचार्य ने बैठक में आए सलाह व सुझावों को सूचीबद्ध कर पूर्ण कार्ययोजना बनाने और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर क्रियान्वयन किए जाने की सलाह दी। इसके पूर्व निदेशक अटारी सहित कृषि कॉलेज के प्राचार्य, जिला कृषि पदाधिकारी, केवीके के प्रधान ने संयुक्त रुप से दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम का संचालन उद्यान वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार सिंह व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कलाम कॉलेज के प्राचार्य ने किया। कार्यक्रम में कीट वैज्ञानिक डॉ. नीरज प्रकाश, सुनीता आिद शामिल थे।

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