बैठक:शहर में जाम की समस्या को खत्म करने के लिए नगर परिषद और ट्रैफिक इंस्पेक्टर बनाएंगे ठोस योजना

किशनगंज16 दिन पहले
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सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करते डीएम। - Dainik Bhaskar
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक करते डीएम।
  • सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम ने दिए निर्देश, प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी लोगों की निगाहें

डीएम श्रीकांत शास्त्री ने शहर से जाम की समस्या को खत्म करने की एक ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है। इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद एवं ट्रैफिक इंचार्ज को दिया गया है। शनिवार की शाम डीएम की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। डीएम श्री शास्त्री ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन, वाहनों पर स्पीड गवर्नर, ओवरलोडिंग, सेफ ड्राइविंग, प्रेशर हॉर्न के विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। सड़कों पर पर्याप्त संख्या में साइनेज लगवाने, अवैध पार्किंग, अनियंत्रित परिचालन करने पर टोटो, टेंपू व अन्य वाहन के विरूद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के चौराहे खासकर गांधी चौक, कलटैक्स चौक, महावीर मार्ग, चांदनी चौक से चूड़ी पट्टी, डे मार्केट में लगने वाली जाम से निजात दिलाने के लिए योजनाबद्ध कार्य करने का निर्देश दिया। यातायात प्रभारी और नगर कार्यपालक पदाधिकारी को नियम के विरुद्ध वाहन परिचालन, अवैध पार्किंग पर यातायात नियमों के तहत नियमित रूप से जांच करने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि खाली करवाए गए जमीन पर पुनः अतिक्रमण नहीं हो इसकी भी निगरानी रखे। एनएचएआई को कड़ा निर्देश : अब तक निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पूरा नहीं होने पर नाराजगी प्रकट करते हुए डीएम ने एनएचएआई के अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने और सर्विस रोड में टूट चुकी रेलिंग को दुरुस्त करने का निर्देश दिया। डीएम ने हेलमेट चेकिंग, सीट बेल्ट चेकिंग लगातार चलाने एवं नियमानुसार जुर्माना राशि वसूल करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालय वाहन परिचालन समिति के साथ एमवीआई को जल्द बैठक करने का निर्देश दिया। सनद रहे कि इस समिति में शहर के 10 प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। इसके साथ ही सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए, ओवरस्पीडिंग, ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरलोडिंग, रैश ड्राइविंग, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग पर अंकुश लगाने सहित सड़क सुरक्षा के मानक नियमों के विरुद्ध व्यापक चेकिंग का निर्देश सभी थानाध्यक्षों को दिया गया।

यातायात नियमों का कड़ाई से हो पालन, वाहनों पर स्पीड गवर्नर ओवरलोडिंग, सेफ ड्राइविंग, प्रेशर हॉर्न के विरूद्ध करें कार्रवाई

डीएम ने कहा- खाली करवाए गए जमीन पर पुन: अतिक्रमण नहीं हो इसकी करें निगरानी
एक बार फिर शहरवासियों की आंखें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिक गयी है। अब तक शहरवासी प्रशासनिक बैठक में लिए गए निर्णय को महज खानापूर्ति समझते रहे हैं। विगत 16 वर्षों से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने एवं अतिक्रमण मुक्त करने की रणनीति बन रही है। लेकिन अब तक यह कारगर नहीं हो पाया है। 14 वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम ने अतिक्रमण हटाकर बाहर से आने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश करने से पूर्व शहर के आउट साइड में ही गाड़ी पार्किंग का प्वाइंट बनाने का फैसला लिया था।

नतीजा सिफर रहा। इसके बाद कमोवेश सभी डीएम ने इस समस्या से निजात की योजना तो बनाई लेकिन कामयाबी अब तक नहीं मिली है। इससे पहले डीएम आदित्य प्रकाश के पहल पर शहर के बाहर नगर परिषद द्वारा पांच स्थलों का चयन ई रिक्शा पार्किंग के लिए किया गया था। यह भी निर्णय लिया गया कि सभी ई रिक्शा का रूट चार्ट बनाया जाएगा। लेकिन यह कागजों तक ही सिमट कर रह गया। वन वे सिस्टम भी आजमाए जा चुके हैं।

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