निरीक्षण:लखीसराय में तीन डॉक्टरों ने बनाई अग्रिम हाजिरी, जुमई में 7 डॉक्टरों का रोका वेतन

लखीसरायएक महीने पहले
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लखीसराय सदर अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति पंजी का निरीक्षण करते डीएम व मौजूद अन्य। - Dainik Bhaskar
लखीसराय सदर अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति पंजी का निरीक्षण करते डीएम व मौजूद अन्य।
  • लखीसराय सदर अस्पताल से डीएम को निरीक्षण में गैरहाजिर में 6 डाॅक्टर
  • जमुई में शनिवार को डॉक्टर की कमी के कारण स्वास्थ्यकर्मी ने किया इलाज

लखीसराय के डीएम संजय कुमार सिंह ने शनिवार की दोपहर सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण में आधा दर्जन डॉक्टर अपनी ड्यूटी से गायब मिले, जबकि तीन डॉक्टर ने एडवांस में ही अपनी हाजिरी रजिस्टर में बना ली थी। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएस देवेंद्र कुमार चौधरी और डीएस डाॅ. राकेश कुमार को स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किए गए कार्रवाई की सूचना देने का निर्देश दिया है ताकि उसे राज्य मुख्यालय को भी भेजा जा सके। निरीक्षण के दौरान वे सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और डॉक्टरों का उपस्थिति पंजी की मांग की। उपस्थिति पंजी में डा. राजकुमार उपाध्याय, डाॅ. आलोक कुमार, डाॅ. अमित कुमार सिन्हा, डाॅ. ज्योत्सना, डाॅ. रूपा एवं डाॅ. मणिभूषण अपनी ड्यूटी से गायब पाए गए। इन डॉक्टरों ने उपस्थिति पंजी में डाॅ. अमित कुमार सिन्हा, डाॅ. आलोक कुमार एवं डाॅ. मणिभूषण की अग्रिम उपस्थिति बनी हुई थी। डीएम ने प्रसव कक्ष, एसएनसीयू, दीदी की रसोई, एक्स-रे कक्ष के अलावा अन्य जगहों को भी देखा। डीएम ने बताया कि ड्यूटी से गायब डाॅक्टर पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने सदर अस्पताल में ट्रेनिंग के लिए काम करने वाले निजी कर्मियों को हटाने का निर्देश सीएस और डीएस को दिया है।

डीएम ने आरटीपीसीआर ब्लड बैंक का लिया जायजा
डीएम ने आरटीपीसीआर जांच केन्द्र, ब्लड बैंक, पुरूष एवं महिला वार्ड का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डा. देवेन्द्र कुमार चौधरी,डीएस डा. राकेश कुमार,डीपीएम खालिद हुसैन, अस्पताल प्रबंधक नंदकिशोर भारती के अलावा अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

जमुई में ड्यूटी पर नहीं आए डॉक्टर, उपाधीक्षक को करना पड़ा पोस्टमार्टम

जमुई| जमुई सदर अस्पताल में शनिवार को इमरजेंसी में डॉक्टर के गायब रहने पर मरीजों के परिजनों ने हंगामा किया। मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर के नहीं रहने पर वहां मौजूद आउटसोर्सिंग के कर्मी ने मरीज का उपचार किया। इधर, परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने की सूचना मिलने पर प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डाॅ. रमेश प्रसाद खुद इमरजेंसी पहुंचे और मरीज का इलाज किया। इतना ही नहीं डॉक्टर की कमी के कारण डीएस को ही पोस्टमार्टम भी करना पड़ा। इधर ड्यूटी से गायब से रहने वाले 7 डॉक्टरों को 19 मई को अस्पताल प्रशासन ने शो-कॉज किया। इसके साथ ही छह डॉक्टरों का ड्यूटी से गायब रहने की अवधी के दौरान का वेतन रोक दिया है और उन्हें तीन दिनों के अंदर शो-कॉज का जवाब देने को कहा है।

डॉक्टरों को विभाग ने भेजा नोटिस| सदर अस्पताल में रोस्टर के अनुसार ड्यूटी नहीं करने वाले 6 चिकित्सकों से स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिसमें चिकित्सक डॉ. रवि माधव, डॉ. नागेन्द्र कुमार,डॉ. एजाज,डॉ.जीके सुमन,डॉ.एस के गुप्ता,डॉ. देवेन्द्र कुमार के नाम शामिल है। इनमें डॉ. रवि माधव व डा.एजाज लगातार ओपीडी में ड्यूटी नहीं करते।

दो डॉक्टर एक महीने से नहीं आ रहे अस्पताल
एसईएमओ सह प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक रमेश प्रसाद ओपीडी और इमरजेंसी में डॉक्टरों को डयूटी सुनिश्चित कराने में अब हाथ खड़े कर दिए। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि डॉक्टर अपनी मनमर्जी से काम करते हैं। उन्होंने कहा कि दो डॉक्टर महीने भर ड्यूटी नहीं करते हैं जब उनके उपस्थिति पंजी को देखा तो सभी एडवांस उपस्थिति बना लिया था। जाहिर है कि डॉक्टरों कि अनुपस्थिति और व्यवस्था में आई गिरावट में डॉक्टरों ही नहीं बल्कि पदाधिकारी व कर्मी भी जिम्मेवार है।

सदर अस्पताल में ड्यूटी से गायब डाक्टरों की सूची डीएम के अलाव विभाग को भेजी गई है। ताकि उन पर कार्रवाई हो। साथ ही प्रभारी डीएस को निर्देश दिया गया है कि अग्रिम उपस्थिति बनाने वाले डाॅक्टर हाजरी काटी जाए।
- डाॅ.अजय भारती सीएस जमुई।

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