अव्यवस्था:केंद्रीय पुस्तकालय बना मीटिंग प्वाइंट जरूरी पुस्तकें, जर्नल तक उपलब्ध नहीं

मधेपुरा24 दिन पहले
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  • साल 2011 में तत्कालीन कुलपति प्रो. आरपी श्रीवास्तव ने किया था उद्घाटन

बीएन मंडल विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी मीटिंग प्वाइंट बनकर रह गई है। किताबों और जर्नल के अभाव में यहां सिर्फ गपशप के लिए छात्र-छात्राएं जुटते हैं। इतना ही नहीं लाइब्रेरी के लिए स्वीकृत 8 पदों के विरुद्ध केवल 3 पदों पर ही कर्मियों की बहाली की गई है। इनमें से भी 2 क्लर्क का नियोजन दूसरे विभाग में कर दिया गया है और उनके बदले कनीय कर्मचारियों को लाइब्रेरी में लगा दिया गया है। सबसे बड़ी बात यहां पुस्तकालयाध्यक्ष का पद ही काफी है। इसका कार्यभार भौतिक शास्त्र के एक प्रोफेसर को दिया गया है। वर्ष 2011 में तत्कालीन कुलपति प्रो. आरपी श्रीवास्तव के कार्यकाल में केंद्रीय पुस्तकालय का उद्घाटन हुआ था। लेकिन कभी भी केंद्रीय पुस्तकालय छात्रों के लिए पूरी सुविधाओं से लैस होकर उपलब्ध नहीं हो सका। एक दशक का सफर पूरा कर चुके इस पुस्तकालय में चार हिन्दी और एक अंग्रेजी दैनिक अखबार को छोड़ कर अन्य कोई अखबार या पत्रिका नहीं आती है। इतना ही नहीं मूलतः शिक्षकों व शोधार्थियों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण जर्नल यहां उपलब्ध नहीं है। जबकि यूजीसी के मापदंड को पूरा करने वाले जर्नलों की बड़ी तादाद में यहां उपलब्धता रहनी चाहिए। यहां राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के शोध पत्रिका का भी अभाव रहता है। इससे शोध छात्रों को परेशानी होती है। कई सालों से यूजीसी पीएचडी रेगुलेशन 2016 के मुताबिक शोधार्थियों के लिए नई व प्रामाणिक लेवल की पुस्तकों का घोर अभाव है।

जर्नल प्रकाशन के लिए हुई थी चर्चा
बीएनएमयू के स्थापना के लगभग तीन दशक के बाद भी एक अपना जर्नल प्रकाशित नहीं कर पाया है। जर्नल प्रकाशन को लेकर कुछ दिन पूर्व चर्चा हुई थी। लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा सका। केंद्रीय पुस्तकालय का वाचनालय आज तक कभी छात्रों को उपलब्ध नहीं रहा, क्योंकि विश्वविद्यालय ने इसे पूरी तरह मीटिंग हॉल बना दिया है। केंद्रीय पुस्तकालय आज भी अपने आटोमेशन होने का इंतजार कर रहा है। कुछ शिक्षकों व शोधार्थियों की माने तो पुस्तकालय की पुस्तकें भी उच्च स्तरीय नहीं है।

लाइब्रेरियन की नहीं बहाली
पुस्तकालय के लिए कुल 8 स्वीकृत पद हैं। जिसमें लाइब्रेरियन, डिप्टी लाइब्रेरियन, असिस्टेंट लाइब्रेरियन, कैटलॉगर, क्लासिफाइड, 3 लाइब्रेरी क्लर्क के पद शामिल हैं। लाइब्रेरियन नहीं रहने के कारण भौतिकी के प्रोफेसर इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं। एक कैटलॉग और 2 लाइब्रेरी क्लर्क कार्यरत हैं। कुछ महीनों से दानों लाइब्रेरी क्लर्क का प्रतिनियोजन दूसरे विभाग में कर दिया गया है। जबकि उसके बदले एक कंप्यूटर ऑपरेटर और एक चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी लाइब्रेरी में प्रतिनियोजित है।

नए सिलेबस के मुताबिक पुस्तकें नहीं
पुस्तकालय में नए सिलेबस के मुताबिक छात्रों को पुस्तक नहीं मिल पा रहा है। करीब 6 साल पूर्व ही पुस्तकें खरीदी गई थी। जिसके बाद पुस्तक नहीं खरीदी गई है। 2 माह पूर्व किताब खरीद के लिए सभी पीजी विभागों से पुस्तकों की सूची एवं यूजीसी रैफर्ड जर्नल की सूची मांगी गई थी।

केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तकों की कमी को जल्द दूर किया जाएगा

विश्वविद्यालय के शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। केंद्रीय पुस्तकालय में पुस्तकों की कमी को जल्द दूर किया जाएगा। इसके लिए सभी पीजी विभागों से पुस्तकों व यूजीसी मापदंड कर्नलों की सूची मांगी गई है। डॉ. आरकेपी रमण, कुलपति बीएनएमयू

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