कार्यक्रम:संविधान देश की आत्मा, हर किसी को इसकी जानकारी होना जरूरी : एडीजे विनोद गुप्ता

मधेपुरा2 महीने पहले
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कार्यक्रम को संबोधित करते एडीजे विनोद कुमार गुप्ता। - Dainik Bhaskar
कार्यक्रम को संबोधित करते एडीजे विनोद कुमार गुप्ता।
  • वकालत खाना में संविधान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का किया आयोजन

संविधान दिवस के अवसर पर शनिवार की देर शाम वकालतखाना में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संघ के उपाध्यक्ष गजेंद्र प्रसाद यादव ने किया। मौके पर मुख्य अतिथि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिनोद कुमार गुप्ता ने कहा कि संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान प्रत्येक भारतीय के लिए महत्वपूर्ण है। इसके द्वारा हमें अनेक प्रकार के मौलिक अधिकार मिले हैं और उन अधिकार के माध्यम से आप अपनी बात आसानी से दूसरे व्यक्ति के सामने रख सकते हैं। देश के विकास में आपको किस प्रकार की भूमिका निभाना है, उसकी भी कार्य संरचना संविधान में वर्णित है। एडीजे निशिकांत ठाकुर ने कहा कि देश की आत्मा संविधान हैं और संविधान के माध्यम से ही देश का संचालन हो रहा है। इसलिए संविधान का हमारे जीवन में विशेष महत्व है। भारतीय संविधान भारत के उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है। भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में सुरक्षित अगर रखना है तो भारतीय संविधान के हर एक प्रारूप और पहलुओं के बारे में जानकारी देनी होगी, तभी जाकर हमारा देश संविधान के अनुकूल काम कर पाएगा और उन्नति के पथ पर अग्रसर हो पाएगा। संविधान से ही देश का संचालन : एडीजे संजीव कुमार ने कहा कि भारत का संविधान के द्वारा ही देश का संचालन हो रहा है और भारत में जितने भी सरकारी संस्थान हैं, उनमें जो भी शक्तियां संभावित है, उनको विशेष अधिकार संविधान के माध्यम से ही दिया गया है। एडीजे अभिषेक कुणाल ने कहा कि संविधान में भारतीय नागरिकों के लिए विशेष प्रकार के अधिकार और कर्तव्य वर्णित किया गया है जिसके द्वारा भारत का प्रत्येक नागरिक एक समान है। सीजेएम मुकेश कुमार ने कहा कि हमें बाल अवस्था से छोटे बच्चों को संविधान के प्रति निष्ठावान और इमानदार बनाना होगा तभी जाकर हमारा देश उन्नति के पथ पर तेजी के साथ आगे बढ़ेगा और हम एक महाशक्ति बन पाएंगे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे सचिव संजीव कुमार ने कहा कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है। यह लोकतंत्र के तीन स्तंभों यथा विधानमंडल, न्यायपालिका और कार्यपालिका के कामकाज के लिए दिशानिर्देश जारी करता है। यह भारत के नागरिकों के मौलिक अधिकारों और विशेषाधिकारों को भी सुनिश्चित करता है। अधिवक्ता ओमप्रकाश ने कहा कि संविधान के बारे में व्यापक जानकारी देना हर एक सरकार और देश के नागरिक का कर्तव्य है। मौके पर अधिवक्ता इंद्रकांत चौधरी, चंद्रभूषण, सीमा कुमारी, अजय कुमार, राकेश कुमार, शिवचंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

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