नशा मुक्ति दिवस:नशा जीवन की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण इसे खत्म करने में युवा निभाएं भूमिका: डीईओ

मधेपुरा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
विद्यालय में प्रभातफेरी में शामिल स्कूली बच्चे। - Dainik Bhaskar
विद्यालय में प्रभातफेरी में शामिल स्कूली बच्चे।
  • विभिन्न स्कूलों के एनसीसी कैडेट व छात्र-छात्राओं ने निकाली प्रभातफेरी

नशामुक्ति दिवस पर शनिवार को स्कूली बच्चों ने शहर में प्रभातफेरी निकाली। प्रभातफेरी को डीईओ जयशंकर ठाकुर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रभातफेरी में जिले विभिन्न स्कूलों के एनसीसी कैडेट व छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बीएन मंडल स्टेडियम से शुरू होकर समाहरणालय, पुरानी बस स्टैंड, भूपेंद्र चौक होते हुए मुख्य बाजार से होकर पुनः बीएन मंडल स्टेडियम पहुंची। इस दौरान लोगों को नशा पान नहीं करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का संचालन स्काउट गाइड के जिला प्रशिक्षण आयुक्त जयकृष्ण यादव ने किया।
नशा से मुक्ति समाज के लिए आवश्यक है
मौके पर डीईओ ने कहा कि पिछले कुछ साल से नशा लोगों को अपना आदी बना रहा है। लोग नशेड़ी बनकर अपना तथा अपनों का भविष्य बर्बाद करने को तुले हुए है। इसलिए हमें नशे से मुक्ति के लिए प्रयास करने की आवश्यकता है। आज की युवा गुटका, बीड़ी, सिगरेट और शराब पीकर खुद को शाही जीवन देना का प्रयास करता है। पर नशे से जीवन में सुधार नहीं किया जा सकता है। नशा जीवन की बर्बादी का सबसे बड़ा माध्यम है। लोगो में शिक्षा का अभाव होने के कारण लोग अपनी भलाई को नहीं समझ पा रहे है। इसलिए इस समय हमें नशा मुक्ति योजना के माध्यम से सभी को नशे से होने वाले नुकसान से अवगत करवा कर नशा छुड़वाने का प्रयास करना चाहिए। मौके पर डीपीओ स्थापना शिवशंकर मिस्त्री, जयकृष्ण यादव, डीपीओ मध्यान्ह भोजन अभिषेक कुमार, बीईओ शशिकांत अलबेला, समाजसेवी साहित्यकार भूपेंद्र नारायण मधेपुरी, प्राचार्य डॉ. संतोष कुमार आदि मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...