मधेपुरा में विकास योजनाओं को देखने गांव पहुंचे अधिकारी:अधिकांश जगह नल जल योजना दिखी फ्लॉप, कुछ भी बोलने से बचते रहे अधिकारी

मधेपुराएक महीने पहले

बिहार के मुख्य सचिव के निर्देशा पर आज जिले के सभी अधिकारी अलग-अलग पंचायतों में सरकार की विकास योजनाओं का जायजा लेते दिखे। इसी क्रम में जहां डीएम श्यामबिहारी मीणा,मुरलीगंज के पोखराम परमानंदपुर में खुद योजनाओं की जांच करते दिखे तो सदर अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार सिंहेश्वर प्रखंड के इटहरी गोहमनी, मो. कबीर लालपुर सरोपटटी, सेटलमेंट अफसर चंद्र शेखर झा रामपट्टी, बीडीओ राज कुमार चौधरी पटोरी और सीओ आदर्श गौतम सुखासन का निरीक्षण किया।

मुरलीगंज के गंगापुर में डीसीएलआर कलीमुद्दीन अहमद, रघुनाथपुर में बीडीओ अनिल कुमार, दीनापट्टी-सखुआ में सीओ मुकेश कुमार सिंह, सिंग्यान में एएसडीएम संजीव तिवारी, नाढ़ी-खाड़ी में एसडीसी अभिराम त्रिवेदी ने सरकार द्वारा संचालित 14 कल्याणकारी योजनाओं का निरीक्षण किया। एसडीएम नीरज कुमार जब ईटहरी गोहमनी के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचे तो केंद्रो में एक भी बच्चे ड्रेस में नही मिले। वही एक केंद्र पर 40 के जगह 52 बच्चे उपस्थित थे। तो कई जगहों पर उपस्थित बच्चे में से उपस्थित पंची का मिलान नही हो रहा था। वही आंगनबाड़ी केंद्रो पर शौचालय और पानी की कोई व्यवस्था नही थी।

मज़ेदार बात यह थी कि 2017 के बाद सीडीपीओ के द्वारा किसी भी केंद्र का निरीक्षण नही किया गया था। पंचायत भवन में ताला लगा हुआ था। लोगो ने बताया कि हर शनिवार को सरपंच साहब बैठते हैं। वही 12 वार्डों में जल नल योजना की स्थिति लगभग एक जैसी ही थी। 6 वार्डों में मोटर खराब था। कुछ जगह मोटर चलने के बाबजूद पानी नही आ रहा था। कही पाईप फटने की शिकायत तो कही स्टार्टर जलने की बात कही गई। वही जहां पानी चल रहा था। वहां के पानी को एसडीएम नीरज कुमार ने पी कर देखा और उसे अच्छा बताया। उन्होंने मनरेगा, पीडीएस और गली-नली योजना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि आज शाम तक सभी जाँच रिपोर्ट विभाग को भेज दिया जाएगा।