कैंपस अलर्ट:पेंडिंग रिजल्ट में सुधार करवाने को विवि का चक्कर लगा रहे छात्र

मधेपुराएक महीने पहले
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पेंडिंग रिजल्ट में सुधार के लिए पेंडिंग सेल में लगी भीड़। - Dainik Bhaskar
पेंडिंग रिजल्ट में सुधार के लिए पेंडिंग सेल में लगी भीड़।
  • विश्वविद्यालय के पेंडिंग सेल में हमेशा लगी रहती है छात्र-छात्राओं की भीड़, दूर दराज से रिजल्ट ठीक करवाने आते हैं छात्र

बीएन मंडल विश्वविद्यालय में विभिन्न पाठ्यक्रमों का रिजल्ट पेंडिंग होना एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह किसी एक सत्र या पाठ्यक्रम की समस्या नहीं है, बल्कि हर बार रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद स्नातक से लेकर पीजी तक के रिजल्ट का यहीं हाल रहता है। छात्र-छात्राओं को पेंडिंग रिजल्ट मंे सुधार के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। इसके बावजूद समय पर छात्रों का काम नहीं होता है। कई छात्र तो विश्वविद्यालय का चक्कर लगाते-लगाते अंत में परेशान होकर विश्वविद्यालय आना छोड़ देते हैं। बीएनएमयू में हर वर्ष काफी संख्या में छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग होने के कारण अलग से एक पेंडिंग सेल बनाना पड़ा। वर्ष 2017-18 में विश्वविद्यालय में पेंडिंग सेल बनाया गया था, तब से अब तक परीक्षा प्रत्येक कार्य दिवस को पेंडिंग सेल में छात्रों का जमावड़ा लगा रहता है। गौर करने वाली बात यह है कि वोकेशनल व प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों का रिजल्ट नहीं के बराबर पेंडिंग होता है। वहीं सामान्य पाठ्यक्रमों में पेंडिंग रिजल्ट की संख्या सैकड़ों में होती है। जिसे सुधार करवाने में विद्यार्थियों को महीनों विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है।

सैकड़ों छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग
हाल ही में जारी स्नातक पार्ट टू और पार्ट थ्री के रिजल्ट में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं का रिजल्ट पेंडिंग कर दिया गया है। रिजल्ट में सुधार की प्रक्रिया काफी धीमी है। जिसके कारण प्रतिदिन पेंडिंग सेल में छात्र व कर्मियों के बीच नोंकझोक हाेती रहती है। बता दें कि परीक्षा के करीब 5 पांच माह बाद स्नातक पार्ट थ्री-2021 का रिजल्ट जारी किया था। इसके बावजूद काफी संख्या में छात्राें का रिजल्ट पेंडिंग है। यहीं हाल स्नातक पार्ट टू परीक्षा 2021 का भी है। मंगलवार को पेंडिंग सेल में रिजल्ट सुधार करवाने गए छात्रों और अभिभावकों के बीच नोकझाेंक हुई। परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरपी राजेश ने बताया कि पेंडिंग रिजल्ट में सुधार की प्रक्रिया जारी है। छात्रों को भी थोड़ा धैर्य रखना होगा। आवेदन देने के बाद बेवजह पेंडिंग सेल में भीड़ नहीं लगाएं। इससे काम प्रभावित होता है।

विभाग की लापरवाही से पेंडिंग
जन अधिकार छात्र परिषद के जिलाध्यक्ष रौशन कुमार बिट्टू ने कहा कि परीक्षा विभाग की लापरवाही के कारण के विद्यार्थियों का रिजल्ट पेंडिंग किया जाता है, ताकि पेंडिंग रिजल्ट में सुधार के नाम पर छात्र-छात्राओं को बेवजह आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान किया जाए। पेंडिंग सेल के कुछ कर्मी रिजल्ट सुधार के नाम पर छात्रों से रुपए भी लेते हैं। ऐसे कर्मियों को चिंहित कर विश्वविद्यालय प्रशासन उनपर कार्रवाई करें। अन्यथा जन अधिकार छात्र परिषद उग्र आंदोलन को मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि तीन दिन पूर्व विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर कुलपति व कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा गया था। अब तक सकारात्मक कार्य नहीं हो पाया है। अब जाप छात्र परिषद आंदोलन के लिए बाध्य हो गया है।

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