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हत्या का समझौता:विवाहिता की हत्या के आरोप में हाजत में बंद पति ने दी मुखाग्नि, केस नहीं दर्ज होने पर छोड़ा

मधेपुरा/उदाकिशुनगंजएक महीने पहले
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24 जून को छपी खबर। - Dainik Bhaskar
24 जून को छपी खबर।
  • छर्रापट्टी वार्ड-6 में बुधवार की रात को कथित तौर पर की गई थी विवाहिता की हत्या
  • दो बच्चों के नाम 3 लाख जमा करने के आश्वासन का जनप्रतिनिधियों ने बनवाया पंचनामा

जिले के उदाकिशुुगंज थाना क्षेत्र के छर्रापट्टी वार्ड-6 में पति समेत ससुराल वालाें द्वारा एक विवाहता की मारपीट व फंदा लगाकर हत्या किए जाने का सौदा तीन लाख में किया गया। इसके बाद थाना में बंद आरोपी पति और सास को छोड़ दिया गया। बताया गया कि आरोपी पति ने ही मृतका को मुखाग्नि दी। तय किए गए तीन लाख रुपए में से दो लाख रुपए पांच दिनों के अंदर बैंक में दोनों बच्चों के नाम से जमा कर दिया जाएगा। जबकि शेष बचे एक लाख रुपए छह महीने के अंदर दोनों बच्ची के खाते में जमा कर दिया जाएगा। मृतका के भाई गुलशन का कहना है कि हमलोगों के पास उतने रुपए नहीं है, केस लड़ेंगे। ऐसे में जबकि बहन के पति ने दोनों बच्चों के नाम तीन लाख रुपए देने की बात पंचायत में स्वीकार कर ली तो मान गए। हमलोग और क्या कर सकते थे। मृतका के भाई का यह भी कहना था कि उसकी बहन का कुछ आपत्तिजनक वीडियो बहनोई के मोबाइल पर किसी ने भेज दिया था। इस कारण से उसकी हत्या कर दी गई। इस पूरे प्रकरण में चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी पति के गांव के जनप्रतिनिधियों और उसके सगे संबंधियों ने बैठकर पंचायत की और पंचनामा बनाकर पुलिस को सौंपा। इसी पंचनामा के आधार पर पुलिस ने आरोपी पति व उसकी सास को छोड़ दिया।

भोज से लौटने के दौरान ही पति-पत्नी में हुई थी बहस
मृतका के भाई ने गुरुवार को बताया था कि बुधवार को वह अपनी बहन के ससुर के श्राद्ध कर्म में मुरलीगंज प्रखंड के रामपुर गया हुआ था। जहां उसके साथ उसकी मृतका बहन ममता समेत उसके पति और ससुर भी गए हुए थे। भोज समाप्त होने के बाद रात को ही वे लोग लौट रहे थे। इस क्रम में किसी बात को लेकर उसकी बहन व जीजा के बीच कहासूनी हो गई थी। इस दौरान उसकी बहन को उसके पति के द्वारा पीटा भी गया। बताया कि पीटने के दौरान उसकी बहन को जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। हलांकि थोड़ी देर में मामला शांत होने के बाद वहां से वे लोग अपने घर वापस आ गए थे। इस बीच रात को बहन की हत्या कर दी गई। उसने बताया कि उसका बहनोई अनिल यादव कोलकाता में ट्रक चालक है। 16 जून को ही वह अपने घर आया था।

बेटी की परवरिश का सवाल: थाने में जमा किया गया समझौता-पत्र
दरअसल, विवाहिता ममता देवी काे दो मासूम बच्ची अनुराधा (3 वर्ष) और वैष्णवी (डेढ़ वर्ष) है। ममता की हत्या के बाद बच्चों की परवरिश को लेकर सवाल उठने लगा। ग्रामीणों की माने तो मृतका की मां नीलम देवी अौर भाई गुलशन कुमार ने कहा कि वे लोग इतने मासूम बच्चे की परवरिश करने में असमर्थ हैं। ऐसी परिस्थिति में बच्चियों की जिन्दगी के सवाल पर बच्चियों के पिता अनिल यादव ने कहा कि अगर उसके ससुराल पक्ष की तरफ से केस नहीं किया जाएगा तो वह अपनी बच्चियों की परवरिश की जिम्मेवारी लेगा। इसके बाद पिपरा करौती गांव के जनप्रतिनिधियों से मृतका ममता देवी के पक्ष से कुछ लोगों ने कहा कि समझौते तभी होगा, जब दोनों बच्चियों के नाम से उदाकिशुनगंज के एसबीआई में तीन लाख रुपए पिता अनिल यादव जमा करेगा। साथ ही रुपए का उत्तराधिकारी बच्चियों की नानी नीलम देवी होगी। इसके बाद थाने में ही सभी लोगों के समक्ष सहमति बन गई। आरोपी पति अनिल ने कहा कि दो लाख रुपए पांच दिनों में वह बैंक में जमा कर देगा। जबकि एक लाख रुपए छह महीने के अंदर जमा कर देगा। इसके बाद जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर से सुलहनामा तैयार कर थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी को दे दिया गया। इसके बाद हाजत में बंद मृतका के पति अनिल यादव एवं सास को छोड़ दिया गया।

केस नहीं करने के कारण आरोपी को छोड़ा गया
मृतका के परिजनों ने केस दर्ज करने के लिए आवेदन नहीं दिया। बताया गया कि उनलोगों ने आपस में मेल मिलाप कर लिया है। इसके बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी पति व सास को छोड़ दिया गया।
जयप्रकाश चौधरी, थानाध्यक्ष, उदाकिशुनगंज

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