अंतिम दिन:दो महिलाओं ने बचाई होमगार्ड बहाली की इज्जत, 1584 पुरुष फेल, 201 सीट खाली

मधेपुरा2 महीने पहले
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पुराना लेटर दिखाते अभ्यर्थी। - Dainik Bhaskar
पुराना लेटर दिखाते अभ्यर्थी।
  • ढाई मिनट में 800 मीटर की दौड़, 4 फीट ऊंची कूद और 12 फीट का जंप था शामिल

जिला मुख्यालय के बीएन मंडल स्टेडियम में चार दिनों से होमगार्ड बहाली के लिए चल रहा शरीरिक जांच शिविर समाप्त हो गया। दौड़ लगाने वाली ट्रैक की गड़बड़ी की शिकायत करने पर अंतिम दिन कई अभ्यर्थियों को पुलिस की लाठी भी खानी पड़ी। गनीमत रही कि अंतिम दिन दो अभ्यर्थी शरीरिक जांच में सफल हो गई। इस तरह से 203 सीटों के लिए निकाले गए बहाली में मात्र दो अभ्यर्थी ही पास कर पाए। चौंकाने वाली बात यह रही कि दोनों अभ्यर्थी महिला ही थीं। वर्ष 2006 में निकाली गई बहाली के बाद अब दोनों महिलाओं के बच्चे भी काफी बड़े-बड़े हो गए थे। एक महिला के साथ उसकी बेटी भी आई हुई थी। सफल अभ्यर्थियों में एक कुमारखंड की कंचन देवी तो दूसरी आलमनगर की रवीना कुमारी थीं। होमगार्ड बहाली में मां की सफलता से उनके बच्चों में काफी खुशी थी।

दूसरी ओर, एक भी पुरुष अभ्यर्थी के सफल नहीं होने से कई सवाल खड़े हो गए। अभ्यर्थी पुरैनी के लक्ष्मी मेहता, हरिराम पाल, चौसा के श्यामदेव राय, आलमनगर के झिटकिया के आमोद यादव, शुभंकर पासवान, चौसा के मुकेश गुप्ता, अरार के मनोहर पासवान, रुद्र नारायण यादव, अशोक पंडित व अन्य अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि ट्रैक खराब बनाया गया था। उनलोगों ने बताया कि स्टेडियम में दौड़ वाले ट्रैक पर बालू भरा हुआ था। इस कारण से दौड़ लगाने में मुश्किल आ रही थी। वहीं ट्रैक की लंबाई भी अधिक थी। उनलोगों ने बताया कि गाइडलाइन के मुताबिक 1500 मीटर की दूरी 6 मिनट में तय करना था। उस हिसाब से 800 मीटर के लिए कम से कम 3 मीनट का तो समय मिलना ही चाहिए। जबकि उनलोगों के लिए ढाई मिनट ही तय किए गए थे। इस कारण से बालू पर वे लोग दौड़ नहीं लगा पा रहे थे। दौड़ते समय पैर बालू में धंस रहा था।

6455 पुरुष व 36 महिला अभ्यर्थियों ने भरा था फॉर्म
वर्ष 2006 में होमगार्ड की बहाली के लिए विज्ञापन निकाला गया था। इसमें 6455 पुरुष और 36 महिला अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा था। चार दिनाें के शिविर में लगभग एक चौथाई ही अभ्यर्थी शामिल हुए। बताया गया कि इसमें मात्र 1591 अभ्यर्थी शामिल हुए। इसमें से 36 महिला अभ्यर्थियों में से 7 महिलाएं शामिल हुई। जिसमेंे दो ने सफलता पाई। अभी वर्ष 2011 की बहाली लंबित है। मालूम हो कि अलग-अलग प्रखंडों के लिए अलग-अलग तिथि निर्धारित की गई है। पहले दिन मधेपुरा ग्रामीण, मधेपुरा शहरी अौर घैलाढ़ प्रखंड, 5 अगस्त को सिंहेश्वर, गम्हरिया व शंकरपुर प्रखंड व अन्य तिथि निर्धारित की गई थी।

पहली बार हुए थे पास, दूसरी बार में कर गए फेल
अभ्यर्थी शुभंकर पासवान ने बताया कि पूर्व में दौड़ से लेकर मेडिकल तक करा लिया गया था। उसमें पास कर गए थे। अब दोबारा शरीरिक जांच करवाया गया। इस कारण से सभी अभ्यर्थी फेल कर गए। उन्होंने दावा किया कि इतने कम समय में वर्तमान का सिपाही भी दौड़ नहीं पास कर पाएगा। ऊपर से ट्रैक पर बालू बिछा दिया गया था। अभ्यर्थियों ने बताया कि एक तो विज्ञापन निकालने के बाद 16 साल बाद दौड़ के लिए बुलाया गया। इतने वर्षों में तो हमलोग नौकरी की उम्मीद भी छोड़ कर परिवार चलाने में उलझ गए। अब ऊपर से तैयारी करने के लिए ज्यादा समय भी नहीं दिया गया।

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