संस्कृत शोभा यात्रा:प्राचीन भाषा हाेने के साथ ही भविष्य की भाषा भी बनती जा रही है संस्कृत

मधुबनी4 महीने पहले
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संस्कृत सबसे प्राचीन भाषा है लेकिन बदलते परिदृश्य में अब संस्कृत केवल प्राचीन भाषा के रूप में ही सिमट कर नहीं रह गई है। ये बातें मधेपुर प्रखंड के बाथ दुर्गा स्थान प्रांगण में संस्कृत शोभायात्रा के उद्घाटन समारोह में वक्ताओं ने कही। संस्कृत भारती, बिहार के तत्वावधान में आयोजित संस्कृत सप्ताह समारोह के छठे दिन संस्कृत शोभा यात्रा को मधेपुर प्रखंड की प्रमुख राधा देवी व बाथ पंचायत के मुखिया सुभाष झा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्य अतिथि राधा देवी ने कहा कि संस्कृत भाषा में वर्णित सुभाषित श्लोकों का आश्रय लेकर हम सामाजिक सौहार्द्र स्थापित कर सकते हैं। संचालन करते हुए संस्कृत भारती के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. रामसेवक झा ने कहा कि संस्कृत मानव जीवन के प्रबंधन के लिए प्राण है। वहीं, इसको लेकर लोगों को जागरूक कर संस्कृत की महत्ता बताई गई।

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