नदियों के जलस्तर पर नजर रखने का दिया निर्देश:डीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ को लेकर की तैयारियों की समीक्षा

मधुबनीएक महीने पहले
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बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर बैठक करते डीएम। - Dainik Bhaskar
बाढ़ पूर्व तैयारी को लेकर बैठक करते डीएम।

रविवार को डीएम अरविन्द कुमार वर्मा की अध्यक्षता में जिले में बाढ़ पूर्व तैयारियो को लेकर जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों व जिला स्तरीय सभी अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से बैठक आयोजित की गई। इस दौरान डीएम ने कहा कि बाढ़ पूर्व तैयारियो को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर इसे ससमय पूर्ण कर ले। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में 31 मई 2022 तक बाढ़ पूर्व सभी तैयारिया पूरी हो जानी चाहिये। डीएम ने कहा कि ससमय पूरी तैयारी के द्वारा ही हम बाढ़ के प्रभाव को कम से कम कर सकते है।

पॉलीथिन सीट की उपलब्धता की समीक्षा के क्रम में जिला आपदा प्रभारी पदाधिकारी परिमल कुमार ने बताया कि वर्तमान में जिले में 30661 पॉलीथिन सीट उपलब्ध है अंचल अधिकारियों द्वारा 40600 और पॉलिथीन सीट की मांग की गई है। उक्त मांग के आलोक में पॉलिथीन सीट की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। वर्तमान में जिले में कुल 187 सरकारी नाव है जिसमें 143 परिचालन योग्य हैं, शेष 44 नावों की भी मरम्मत अंतिम चरण में है।

डीएम ने कहा कि सभी अंचल अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि निजी नाव चालकों को विगत वर्षों की बकाया राशि का भुगतान ससमय कर दे।उन्होंने कहा कि आवश्यकता का आकलन करते हुए और भी निजी नावों के लिए एकरारनामा कर ले।समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि जिले में वर्तमान में 15 मोटरवोट उपलब्ध हैं जिसकी एसडीआरएफ की टीम के द्वारा जांच की जा रही है। 209 लाइफ जैकेट है। डीएम ने निर्देश दिया कि कुछ और लाइफ जैकेट का समय क्रय कर लिया जाए।

उन्होंने स्थाई बाढ़ आश्रय स्थल के साथ साथ अस्थाई बाढ़ आश्रय स्थल के समीक्षा के क्रम में कहा कि बाढ़ आश्रय स्थल में पेय जल, शौचालय आदि मूलभूत व्यवस्थाएं का भौतिक सत्यापन कर ले। उन्होंने संचार योजना के समीक्षा के क्रम में कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में तैयारियों से जुड़े सभी स्तर के लोगों,जनप्रतिनिधियों आदि के नाम और उनके मोबाइल नंबर के साथ सभी सीओ एक ठोस संचार प्लान बना ले ,साथ हीं उसकी एक प्रति जिला आपदा प्रबंधन शाखा को सौंपी जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में थोड़े ही सही कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि बाढ़ नियंत्रण कार्य से जुड़े सभी अधिकारी, कर्मी (वॉलंटियर सहित) व निजी कर्मी कोरोना टीका लगवा चुके हों। ताकि, बाढ़ राहत कार्य में कोरोना प्रोटोकॉल के कारण व्यवधान उत्पन्न न हो सके। सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि जिला आपदा प्रबंधन शाखा से समन्वय स्थापित कर ऐसे सभी लोगों का कोरोना टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इसके लिए सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि बाढ़ राहत कार्य से जुड़ी आवश्यक दवाइयों का समय से स्टॉक कर लिया जाए।

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